जागरण संवाददाता , सोनीपत : शहर में चल रहे गंभीर पेयजल संकट का आखिरकार छह दिन बाद समाधान हो पाया। बुधवार को रातभर टीमें फील्ड में लीकेज ठीक करती रही, जिसके बाद सुबह पूर्वी शहर के सुजान सिंह पार्क, चिल्ड्रन पार्क व आइटीआइ चौक बूस्टर टैंक तक पानी पहुंचा। इससे पहले नगर निगम ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से मोटर उधार लेकर रेनीवेल से पेयजल सप्लाई कर पांच बूस्टरों तक पानी पहुंचाया था। बृहस्पतिवार को बाकी के तीन बूस्टर तक पानी पहुंचने के बाद पेयजल समस्या का समाधान हो गया। निगम अधिकारियों की माने तो बृहस्पतिवार को उनके पास पानी की किल्लत को लेकर कही से कोई शिकायत नहीं आई।

शहर की कई कालोनियों में पांच दिन से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। इसका कारण था रखरखाव के अभाव में रेनीवेल की तीनों मोटरों का खराब हो जाना। मोटर खराब हो जाने से शहर के पूर्वी हिस्से में पेयजल सप्लाई बंद हो गई थी। लोग तीन-दिन तक जैसे-तैसे काम चलाते रहे मंगलवार को क्षेत्र के लोग वार्ड पार्षदों के आवास पर पहुंचे, जिसके बाद पार्षद लोगों के साथ नगर निगम पहुंचे और ताला जड़ दिया था। निगम आयुक्त ने पार्षदों से व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए पांच दिन का समय मांगा था। अधिकारी रात को भी मोटर की व्यवस्था करने में जुटे रहे। मंगलवार रात को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से संपर्क हुआ तो विभाग के रेनीवेल में लगी मोटर को जाजल रेनीवेल में ले जाया गया। मोटर चालू कर पानी की सप्लाई की गई। बृहस्पतिवार को बहालगढ़ रोड पर 900 एमएम की लाइन से महाराणा प्रताप चौकी ओर पेयजल लाइन की लीकेज को ठीक करने के लिए टीम रातभर फील्ड में रही जिसके बाद सुबह पानी की सप्लाई बहाल हो पाई।

एजेंसी पर लगेगा जुर्माना

मरम्मत कार्य की जिम्मेदारी जिस एजेंसी को दी गई थी वो अपनी जिम्मेदारी पर खरी नहीं उतरी। ऐसे में निगम अधिकारियों ने एजेंसी के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी से ही मरम्मत का खर्च वसूला जाएगा। वहीं, एजेंसी पर आर्थिक दंड लगाने के साथ ही ब्लैक लिस्ट के लिए भी अनुशंसा की जाएगी।

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एचएसवीपी से मोटर की व्यवस्था कर रेनीवेल पर लगाई दी गई थी। बुधवार शाम तक शहर के ज्यादातर हिस्से में पेयजल आपूर्ति सुचारु हो गई थी। सुजान सिंह पार्क, चिल्ड्रन पार्क व आइटीआइ चौक बूस्टर टैंक तक बृहस्पतिवार को पानी पहुंचा दिया गया है। काफी हद तक समस्या को हल कर लिया गया है। कुछ खामी जो रह गई है उनको दूर किया जा रहा है।

- सतीश कुमार, एसडीओ, नगर निगम

Edited By: Jagran