सोनीपत, जागरण संवाददाता। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने किशोरी को बहकाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म करने के मामले में आरोपित को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास व 1.10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से एक लाख रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं। किशोरी ने पहले अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म की जानकारी दी थी। बाद में पुलिस जांच में मामले से पर्दा उठा था।

कुंडली क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने 23 फरवरी 2020 को पुलिस को बताया था कि उनकी 14 वर्षीय बेटी का 22 फरवरी 2020 की रात को घर के बाहर से कार सवार तीन युवकों ने अपहरण कर लिया था। उन्होंने उसे स्प्रे मारकर बेसुध कर दिया था। बाद में उनकी बेटी को पड़ोसी गांव के खेतों में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। उनकी बेटी ने राहगीर का फोन लेकर स्वजन को मामले से अवगत कराया था। जिसके बाद स्वजन उसे घर लेकर आए थे और पुलिस को शिकायत दी थी।

आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर लिया था। कुंडली थाना पुलिस ने मामले की जांच करते हुए उनके गांव के युवक राजन उर्फ भंडारी (22) को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में पुलिस ने मामले से पर्दा उठाया था कि किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म नहीं हुआ था। राजन ने उसे घर से बुलाने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया था।

 किशोरी को धमकी

घटना की रात जब किशोरी गांव के बाहर देव स्थल पर कीर्तन में जाने के लिए घर से बाहर निकली थी तो युवक उसे स्कूटी लिए बाहर मिल गया था। वह उसे कीर्तन स्थल पर ले जाने के बहाने स्कूटी पर बैठाकर किशोरी के पुराने घर ले गया था। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया था। जब स्वजन किशोरी को तलाश करते हुए पुराने घर की तरफ आए थे तो उसने उसे डराकर दीवार से दूसरी तरफ कूदा दिया था।

किशोरी के स्वजन के जाने के बाद वह उसे अपनी स्कूटी पर बैठाकर पास के गांव के खेतों में ले गया था। वहां पर ले जाने के बाद भी आरोपित ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था। उसने किशोरी को धमकी दी थी कि वह अगर किसी को इस बारे में बताएगी तो वह उसे तथा उसके परिवार के सदस्यों को जान से मार देगा। जिसके चलते ही किशोरी ने झूठ बोला था।

साइबर टीम की भी मदद ली गई

आरोपित ने उसे ही कहानी बनाकर स्वजन को बताने के लिए कहा था। साथ ही उसके कहने पर ही उसने एक राहगीर से मोबाइल लेकर अपने स्वजन को फोन किया था। इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी रविंद्रसिंह व जांच अधिकारी संतोष की टीम ने किशोरी के परिवार से जुड़े गांव और आसपास के गांवों के 29 लोगों से पूछताछ की थी। साथ ही साइबर टीम की भी मदद ली गई थी। जिसके बाद पुलिस को आरोपित के बारे में अहम सुराग हाथ लगे थे। आरोपित को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया था।

जुर्माना राशि में एक लाख रुपये पीड़िता को देने के आदेश

इस मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने आरोपित राजन को दोषी करार दिया। बुधवार को इस मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास व 1.10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में एक लाख रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।

Edited By: Jagran News Network

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