जागरण संवाददाता, सोनीपत: कर्जदारों के मनमाने ब्याज और उत्पीड़न से परेशान होकर किराना व्यापारी ने जहर खाकर जान दे दी। तीन आरोपित कर्ज देकर व्यापारी पर ब्याज पर ब्याज लगाए जा रहे थे। काफी रुपया वसूलने के बाद भी वह जान से मारने की धमकी दे रहे थे। व्यापारी ने सुसाइड नोट में तीनों आरोपितों के नाम लिखकर छोड़े हैं। व्यापारी के पुत्र की शिकायत पर सिटी थाना पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या को विवश करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

हिमांशु ने सिटी थानाक्षेत्र की सेक्टर-23 चौकी पुलिस को बताया कि वह हाउसिग बोर्ड सोसायटी का रहने वाला है। उसके पिता सुशील कुमार किराना व्यापारी थे। मंगलवार सुबह करीब छह बजे वह घर में उल्टी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मैंने कुछ खा लिया है। इस पर स्वजन उनको नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां पर उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल में तलाशी के दौरान सुशील कुमार की जेब से सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में उन्होंने सेक्टर-23 के रोहित, प्रवीण कुमार और विक्की को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। प्रवीण ने दो लाख रुपये उधार देकर उसके चेक ले लिए थे। उसे 1.20 लाख का भुगतान हो चुका है, उसके बावजूद दो लाख रुपये के चेक लगा दिए। 1.20 लाख को वह ब्याज में काट रहा है। वहीं प्रवीण से एक लाख रुपये लिए थे। 47 हजार रुपये लेने के बावजूद वह एक लाख रुपया और देने को धमका रहा था। विक्की से एक लाख रुपया लिया था। उसको 65 हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका। अब वह ब्याज पर ब्याज लगाकर एक लाख रुपया और मांग रहा था। रुपया नहीं देने पर वह जान से मारने की धमकी दे रहे थे। संभलते-संभलते टूट गया सुशील

किराना कारोबारी सुशील को लाकडाउन में दो साल से भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था। जहां पर उनकी उधारी थी, वह मिल नहीं रही थी जबकि लेनदार धमकियां दे रहे थे। उसने एक के बाद एक-एक करके उक्त तीनों लोगों से रुपया लेकर कारोबार को संभालने और देनदारी चुकाने का प्रयास किया। इस प्रयास में वह ब्याजखोरों के चंगुल में फंस गए। अब आरोपित उनको और परिवार को बेइज्जत करने, मारने की धमकी दे रहे थे। संभलने के प्रयास में वह टूट गए और परेशान होकर सुशील कुमार ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। सुसाइड नोट में शामिल तीनों लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए दबाव बनाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम कराकर शव स्वजन को सौंप दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा। सुशील कुमार दबाव में आत्महत्या करने की बजाय पहले ही पुलिस के पास आते तो उनका उत्पीड़न नहीं होने दिया जाता।

- देवेंद्र सिंह, एसएचओ, थाना सिटी

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