संवाद सहयोगी, खरखौदा : आइएमटी, खरखौदा के 450 वर्ग मीटर के ढाई सौ प्लाटों की ई-नीलामी में बोलीदाता द्वारा प्रति वर्ग मीटर 54 लाख रुपये की बोली लगाने के मामले में ई-नीलामी को रद कर दिया गया है। साथ ही एचएसआइआइडीसी प्रबंधन की तरफ से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का जिम्मा चीफ को-ओर्डिनेटर इंडस्ट्रीज और एचओडी (एस्टेट) सुनील शर्मा को सौंपा गया है, ताकि आरोपित का पता लगाकर उस पर मुकदमा दर्ज करवाया जा सके।

आइएमटी, खरखौदा में मारुति के निवेश की चर्चाओं के बीच यहां पर अन्य उद्योगपतियों द्वारा भी निवेश की इच्छा जताई जा रही है। बृहस्पतिवार को एचएसआइआइडीसी की तरफ से आइएमटी, खरखौदा के 450 वर्ग मीटर के 250 प्लाटों की ई-नीलामी रखी गई थी। इस ई-नीलामी पर आनलाइन बोलीदाता द्वारा प्रति वर्ग मीटर 54 लाख रुपये तक की बोली लगा दी गई। इससे अन्य बोलीदाताओं और आइएमटी खरखौदा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन प्रधान राजीव दहिया ने भी आपत्ति दर्ज करवाई। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए न केवल बोली को रद कर दिया बल्कि जांच भी बैठा दी है। एचएसआइआइडीसी प्रबंध निदेशक विकास गुप्ता द्वारा चीफ को-आर्डिनेटर इंडस्ट्रीज और एचओडी (एस्टेट) सुनील शर्मा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। आइपी एड्रेस से लगाया जा रहा पता

मामले में जांच करते हुए ई-नीलामी पर बोली को 54 लाख रुपये तक पहुंचाते हुए ई-नीलामी को प्रभावित करने वालों का पता लगाया जा रहा है, जिसमें उनके आइपी एड्रेस की जांच की जा रही है। इससे पता चलेगा कि किसने ई-नीलामी में यह खेल खेला, जिसके चलते पूरी ई-नीलामी को ही रद करना पड़ा। मामले में जांच शुरू कर दी गई है, पता लगाया जा रहा है कि इस सारे घटनाक्रम के पीछे कौन है। आरोपित पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया जाएगा ताकि भविष्य में इस प्रकार की कार्रवाई को अंजाम देने की कोई न सोचे।

- सुनील शर्मा, चीफ को-आर्डिनेटर इंडस्ट्रीज और एचओडी (एस्टेट)

Edited By: Jagran