जागरण संवाददाता, सोनीपत:

मीमारपुर यमुना किनारे बालू खनन की खान पर मैनेजर की हत्या में अल्टीमेट कंपनी के अंदर का व्यक्ति भी शामिल है। वह हत्यारों से मिला हुआ है। हत्यारों के आने से पांच मिनट पहले वहां लगे सीसीटीवी की डीवीआर को बंद कर दिया गया था। हत्यारों की कार पहुंचते ही वहां जल रही लाइटें बंद कर दी गईं। यही कारण रहा कि बालू की खान पर मौजूद दर्जनभर कर्मचारियों में से कोई उनको नहीं देख पाया। हमला शुरू होते ही वहां फायर किया गया, जिससे कर्मचारी जान बचाकर भाग गए।

मुरथल थानाक्षेत्र के मीमारपुर में यमुना किनारे बालू खनन के स्टाक मैनेजर जयदीप की शनिवार रात को पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रविवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजन को सौंप दिया था। सोमवार को पुलिस टीम ने बालू खनन की खान पर उस रात मौजूद कर्मचारियों से घटना की जानकारी ली।

पुलिस की जांच में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खान पर मौजूद कोई कर्मचारी हत्यारों से मिला हुआ था। उसको हत्यारों के आने के समय की बिल्कुल सटीक जानकारी थी। हत्यारों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए खान पर कार्यरत कर्मचारी को अपने साथ पहले ही मिला लिया था। बंद कर दिए गए थे सीसीटीवी:

खान पर सीसीटीवी लगे हुए हैं। इनकी डीवीआर मैनेजर के कक्ष में लगी है। वहां तक कुछ खास कर्मचारी ही जा सकते हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि हत्यारों के पहुंचने से करीब पांच मिनट पहले सीसीटीवी की डीवीआर को स्विच आफ कर दिया गया। इससे हत्यारों के खनन साइट पर पहुंचने और वारदात को अंजाम देने की फुटेज रिकार्ड नहीं हो सकी। इसके साथ ही जैसे ही हत्यारे खनन की साइट पर पहुंचे, उसी समय वहां की लाइट भी बंद कर दी गई।हत्यारे टार्च लिए हुए थे, यानि उनको पता था कि वहां पर लाइट बंद मिलेंगी। लाइट बंद हो जाने से हत्यारों को वहां पर तैनात दर्जनभर कर्मचारियों में से कोई नहीं पहचान सका।

जान बचाकर भाग गए कर्मचारी:

खनन के स्टाक मैनेजर पर हमला करने के साथ ही हत्यारों ने एक फायर भी किया। जिससे वहां पर तैनात कर्मचारी अपनी जान बचाकर यमुना किनारे के खादर क्षेत्र में भाग गए। हत्यारों के कुछ साथी खान के मुख्य मार्ग पर भी खड़े थे, जिससे कर्मचारी भागकर बाहर की ओर नहीं जा सकें। वारदात को अंजाम देने के काफी देकर बाद कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी, तब तक हत्यारे वहां से भाग गए थे। पुलिस को मौके पर ही खून में सने कुछ डंडे भी मिले हैं।

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हालात देखकर पता चलता है कि खान पर कार्यरत कर्मचारी हत्यारों से मिला हुआ था। स्टाक मैनेजर की हत्या से एक दिन पहले खान के मुख्य मैनेजर पर भी हमला किया गया। उसमें तीन लोगों को नामजद किया गया है। उनकी गिरफ्तारी से ही पता चल सकेगा कि दोनों घटनाओं का आपस में कोई संबंध है या नहीं। जल्द ही दोनों घटनाओं के आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

- एएसआइ सुरेंद्र कुमार सिंह, मीमारपुर चौकी प्रभारी व जांच अधिकारी

Edited By: Jagran