सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील को लेकर बड़ा बदलाव, हर सामग्री तौलकर होगी इस्तेमाल; रोजाना देना होगा हिसाब
शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। ...और पढ़ें

नए आदेश के तहत अब भोजन तैयार करते समय गेहूं, चावल, दाल, तेल, नमक, जीरा और अन्य मसालों को अंदाज से नहीं, बल्कि तौलकर इस्तेमाल करना होगा। प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
मिड-डे मील सामग्री अब अनुमान से नहीं, तौलकर होगी इस्तेमाल।
रसोई में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन रखना अनिवार्य किया गया।
दैनिक रिकॉर्ड एमआईएस पोर्टल पर सुबह 10 बजे तक अपडेट होगा।
जागरण संवाददाता, गोहाना (सोनीपत)। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था धरातल पर लागू करने की तैयारी कर ली है। अब भोजन तैयार करते समय गेहूं, चावल, दाल, तेल, नमक, जीरा और अन्य मसालों को अंदाज से नहीं, बल्कि तौलकर इस्तेमाल करना होगा। रसोई में इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन रखनी होगी और पूरी तरह से राशन तौलकर ही खाना बनाना बनाना होगा।
डेली मैनटेंन करनी होगी डायरी
रसोई में उपयोग होने वाली हर सामग्री का दैनिक रिकाॅर्ड तैयार कर स्टाॅक रजिस्टर में दर्ज करने के साथ पोर्टल पर अपडेट करना होगा। इसके साथ भोजन के लिए जो सामान आएगा, उसका विवरण तिथिवार लिखना होगा और जो बनेगा उसका ब्योरा देना होगा।
सुबह 10 बजे तक एमआईएस पोर्टल पर करें अपडेट
अभी तक अधिकांश सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करने में राशन और मसाले अनुमान के आधार पर डाले जाते थे। इससे कई बार कहीं अधिक राशन खर्च हो जाता था तो कहीं मसाले कम इस्तेमाल होते थे।
इसका असर स्टाॅक रजिस्टर और वास्तविक खपत के मिलान पर पड़ता था। रिकाॅर्ड सही नहीं होने से खाद्यान्न के रखरखाव और निगरानी में भी परेशानी आती थी। नई व्यवस्था के तहत जिस दिन स्कूल में राशन या अन्य सामग्री पहुंचेगी, उसी दिन उसकी मात्रा, तिथि और वितरण का पूरा विवरण रजिस्टर में दर्ज करना होगा।
यह जानकारी संबंधित अधिकारियों को भी भेजी जाएगी, ताकि स्टाॅक की नियमित निगरानी हो सके। इसके अलावा सभी स्कूलों को रोजाना सुबह 10 बजे तक एमआईएस पोर्टल पर उपस्थित हुए विद्यार्थियों की संख्या, तैयार किए गए भोजन और उपयोग किए गए राशन का पूरा रिकाॅर्ड अपडेट करना होगा।
छात्र संख्या और मिड-डे मील के रिकाॅर्ड में समानता हो
पोर्टल पर दर्ज छात्र संख्या और मिड-डे मील के रिकाॅर्ड में समानता होना भी जरूरी रहेगा। विभाग ने यह कदम मिड-डे मील व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए उठाया है। इससे स्टाॅक का सही मिलान हो सकेगा और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर नजर रखी जा सकेगी।
विभाग पहले ही उपस्थिति और भोजन वितरण के ऑनलाइन रिकाॅर्ड पर सख्ती बढ़ा चुका है। अब राशन की तौल और दैनिक लेखा-जोखा भी व्यवस्था भी रहेगी। पूर्व में मिड-डे मील घोटाना सामने आ चुका है और सीबीआई ने भी जांच की थी। इसके बाद व्यवस्था में सुधार को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है।
"सभी स्कूलों के मुखियाओं को आदेशों का पालन करना होगा। अगर कोई लापरवाही बरतेगा तो कार्रवाई होगी। अब मिड-डे मील तैयार करने में कुछ भी अंदाज से नहीं तौल से करना होगा।"
-नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी।
यह भी पढ़ें- सोनीपत में आशा वर्कर भर्ती-2025 में लगा बड़ा आरोप, 18 अंक वाले को छोड़ 12 अंक वाले की करा दी ज्वाइनिंग?
यह भी पढ़ें- सोनीपत के महिला मेडिकल कॉलेज में दो इंटर्न से छेड़छाड़, छात्राओं का फूटा गुस्सा; धरने पर बैठीं
