सोनीपत के महिला मेडिकल कॉलेज में दो इंटर्न से छेड़छाड़, छात्राओं का फूटा गुस्सा; धरने पर बैठीं
सोनीपत के महिला मेडिकल कॉलेज में दो महिला इंटर्न डॉक्टरों से छेड़छाड़ का आरोप है, जिसके विरोध में छात्राएं धरने पर बैठ गईं।

अंधेरे का फायदा उठाकर छात्राओं से छेड़छाड़ की गई। (सांकेतकि तस्वीर)
HighLights
महिला मेडिकल कॉलेज में दो इंटर्न से छेड़छाड़ का आरोप।
घटना के विरोध में छात्राएं धरने पर बैठीं, सुरक्षा पर सवाल।
पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की, कार्रवाई जारी।
जागरण संवाददाता, (गोहाना) सोनीपत। गांव खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज में महिला इंटर्न से छेड़छाड़ की गई। दो छात्राओं से अलग-अलग समय रात के अंधेरे में छेड़छाड़ हुई। मदद के लिए संपर्क करने पर अधिकारियों व पुलिस से काफी देर तक सहायता नहीं मिली।
छात्राओं ने मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मंगलवार को निदेशक कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया। छात्राओं का आरोप है कि परिसर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। छात्राओं ने आरोपित के खिलाफ उचित कार्रवाई के साथ भविष्य में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने की मांग की।
रात के अंधेरे में महिला इंटर्न से दरिंदगी की कोशिश
छात्राओं के अनुसार, 15 अगस्त की रात लगभग 10:30 बजे एक एमबीबीएस इंटर्न ड्यूटी पूरी करने के बाद हॉस्टल की तरफ जा रही थी। अज्ञात युवक उसका पीछा करते हुए हास्टल के पास तक पहुंचा। वहां युवक ने छात्रा का मुंह दबाया और उसके साथ हाथापाई की। शोर मचाने पर आरोपित भाग गया। घटना में छात्रा की गर्दन पर खरोंच आई।
इसके करीब 25 मिनट बाद रात 10:55 बजे एक अन्य इंटर्न लाइब्रेरी से हॉस्टल की तरफ जा रही थी। छात्राओं के अनुसार, एक युवक उसका भी पीछा करते हुए हॉस्टल के पास पहुंचा। वहां उसने छात्रा को पकड़ लिया और उसका गला दबाने के साथ उसके प्राइवेट पार्ट को छुआ। छात्रा के शोर मचाने पर आरोपित मौके से भाग गया। छात्राओं ने मदद मांगी, लेकिन अधिकारियों और पुलिस की तरफ से लगभग दो घंटे तक उचित सहायता नहीं मिली।
हॉस्टल-लाइब्रेरी के बीच अंधेरा, सुरक्षा पर सवाल
छात्राओं का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल और लाइब्रेरी के बीच पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है। इस रास्ते पर कई जगह अंधेरा रहता है, जिससे छात्राओं को रात के समय आने-जाने में डर बना रहता है। गंभीर घटनाओं के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया है।
महिला इंटर्न की शिकायत पर महिला थाना खानपुर कलां में केस दर्ज किया है। छात्राओं का आरोप है कि घटना के बाद मदद के लिए अधिकारी और पुलिस भी समय पर नहीं पहुंची। इससे छात्राओं में रोष बढ़ गया और निदेशक कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया।
छात्राओं की सुरक्षा के लिए ये मांगें
छात्राओं और इंटर्नों ने कालेज प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग रखी है। उनकी प्रमुख मांगों में हास्टल, अस्पताल, लाइब्रेरी और कालेज परिसर के बीच पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करना, संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात करना और हाई रिजाल्यूशन नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाना शामिल है।
इसके अलावा रात की ड्यूटी करने वाली महिला इंटर्न और डॉक्टरों को अस्पताल से हॉस्टल या लाइब्रेरी तक सुरक्षा गार्ड की एस्कार्ट सुविधा देने, मुख्य प्रवेश बिंदुओं पर सुरक्षा जांच बढ़ाने और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की गई है।
छात्राओं ने सुरक्षा गार्डों का पुलिस सत्यापन कराने, उनकी संख्या बढ़ाने और आपात स्थिति में तत्काल सहायता के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की। इंटर्नों ने हर वार्ड में महिला डाक्टरों व इंटर्न के लिए अलग ड्यूटी रूम, साफ शौचालय, पेयजल और रात के समय भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है।
सुरक्षा से जुड़ी कार्रवाई केवल मौखिक आश्वासन तक सीमित न रहे बल्कि प्रशासन उन्हें लिखित में बताए कि कौन-कौन से सुरक्षा इंतजाम कब तक किए जाएंगे। छात्राओं ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सुरक्षा है।
जब तक परिसर में सुरक्षा के पुख्ता और दिखाई देने वाले प्रबंध नहीं किए जाते, तब तक विशेषकर रात की ड्यूटी को लेकर वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। उन्होंने उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर छात्राओं से बातचीत करने और सभी मांगों पर कार्रवाई की मांग की।
रात की ड्यूटी से भी किया इनकार
इंटर्न डाक्टरों ने निदेशक से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है। इंटर्नों ने कहा कि घटना के बाद प्रशासन ने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था का आश्वासन दिया था लेकिन कई समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। इंटर्नों ने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक आश्वासन पर्याप्त नहीं होगा। सुरक्षा को लेकर की जाने वाली प्रत्येक कार्रवाई की जानकारी विद्यार्थियों को लिखित में दी जाए।
इंटर्नों ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशक से सीधे संवाद कराने की मांग की है। संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा कर्मी तैनात करने की मांग की। इंटर्न ने कहा कि जब तक ये मांगें पूरी नहीं होगी तब तक रात की ड्यूटी नहीं की जाएगी।
