सोनीपत में पावर ग्रिड लाइन का काम रुकवाकर ही माने किसान, सोहटी में अनिश्चितकालीन धरना होगा शुरू
खरखौदा के सोहटी गांव में पावर ग्रिड लाइन के खंभे लगाने को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच मुआवजा राशि ...और पढ़ें
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किसानों का सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का एलान।
HighLights
किसानों ने पावर ग्रिड लाइन का काम रुकवाया।
जमीन के लिए मार्केट दर पर मुआवजा मांग।
सोहटी में सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू।
संवाद सहयोगी, खरखौदा। राजस्थान के सीकर से वाया हरियाणा होते हुए दिल्ली के नरेला जा रही पावर ग्रिड लाइन के खंभे लगाए जाने को लेकर मुआवजा राशि पर सरकार व स्थानीय किसानों के बीच टकराव चला आ रहा है। रविवार को सोहटी गांव में इसे लेकर पंचायत हुई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे। जिन्होंने किसानों को खंभे लगाने की कार्रवाई न रोकने की बात कही, लेकिन किसानों ने स्पष्ट कर दिया कि या तो प्रशासन काम रुकवा दे नहीं तो 2 बजे वह मौके पर पहुंचकर काम रोकेंगे।
वहीं जब तक उन्हें मार्केट दर पर मुआवजा नहीं मिलता वह काम नहीं होने देंगे। दो बजे किसान व पुलिस बल आमने सामने हो गया, जिसके बाद प्रशासन ने खंभे लगाने के काम को रोका, जिस पर किसान वापस हुए। मामले में सोमवार से अनिश्चित काल के लिए धरना शुरू करने के एलान के साथ ही मुख्यमंत्री के नाम मार्केट दर पर मुआवजा देने तक काम शुरू न करने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेज तहसीलदार बिजेंद्र नांदल के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
जयप्रकाश आर्य की अध्यक्षता में किसानों ने पंचायत की
रविवार को सोहटी के स्टेडियम में जयप्रकाश आर्य की अध्यक्षता में किसानों ने पंचायत की। जिसे कांग्रेस नेता भी अपना समर्थन देने के लिए पहुंचे। पंचायत में किसानों ने स्पष्ट किया कि बेशक खंभे लगाने की कार्रवाई पंचायती जमीन से शुरू की गई है, लेकिन वह जमीन भी हमारी है। हमें लाटरी सिस्टम से दिया जाने वाला मुआवजा नहीं चाहिए, उन्हें मार्केट दर पर मुआवजा चाहिए।
इस दौरान डीसीपी नरेंद्र कादियान, ड्यूटी मजिस्ट्रेट बिजेंद्र नांदल, एसीपी जोगिंद्र शर्मा पंचायत में पहुंचे। डीसीपी नरेंद्र कादियान ने कहा कि किसान अपना मांगपत्र दें, मुआवजा राशि पंचायत के खाते में पहुंचेगी। लेकिन काम नहीं रुकने दिया जाएगा। विरोध करने वालों पर केस दर्ज होंगे, ऐसा मत करना।
जिस पर किसान नेता अभिमुन्य कोहाड ने कहा कि प्रशासन को हर तरीके से छूट है, केस करना है कर लो, जेल में डालना है डाल दो, लेकिन 2 बजे तक का समय है। प्रशासन 2 बजे तक खंभे लगाने की कार्रवाई बंद करा दें, नहीं तो किसान खुद जाकर कार्रवाई बंद कराएगा।
कंपनियों पर नियमों के उल्लंघन का लगा आरोप
किसान व प्रशासन की कई दौर की वार्ता के बीच पावर ग्रिड लाइन बिछाने वाली कंपनी के डीजीएम दुर्गेश झा को भी बुलाया गया, जिन्होंने कहा कि वह जल्द ही मुआवजा राशि संबंधित किसानों के खातों में भेज देंगे। किसानों ने कहा कि नियम यह कहता है कि कार्रवाई शुरू करने से पहले वह एक मुश्त मुआवजा राशि किसान को दी जाए, लेकिन कंपनी इसका उल्लंघन कर रही है, जिसे लेकर किसान पुलिस को शिकायत देकर कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग तक कर चुका है।
पुलिस ने वह भी नहीं किया है। इस अवसर पर सरपंच विनोद, कांग्रेस जिला अध्यक्ष संजीत दहिया, पूर्व विधायक पदम सिंह, सुनील दहिया, प्रवीन सैनी, रामसिंह व कुलदीप सिसाना सहित अन्य मौजूद रहे।
किसानों ने दो बजे किया कूच
पंचायत में दिए गए समयानुसार दोपहर 2 बजते ही किसान स्टेडियम से नारेबाजी करते हुए निर्माण स्थल की तरफ कूच कर गए। इसी बीच भारी पुलिस बल ने डीसीपी नरेंद्र कादियान की अगुवाई में एक मोर्चा संभाल लिया। पुलिस के मोर्चे पर किसान पहुंचे ही थे कि डीसीपी नरेंद्र कादियान ने किसानों को काम रुकवाने का आश्वासन देकर शांत किया। उन्होंने कहा कि डीसी की तरफ से आश्वस्त किया गया है कि अगर सीएम से मुलाकात करनी है तो उसकी मध्यस्ता करेंगे।
4 सितंबर को ऊर्जा मंत्री से होगी मुलाकात
किसानों का प्रतिनिधि मंडल 4 सितंबर को मामले में ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात करेगा। तब तक के लिए मौके पर प्रशासन से काम को रुकवा दिया है। वहीं किसानों की तरफ से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। जिसमें मार्केट दर पर मुआवजा राशि देने व जब तक मुआवजा नहीं मिलता, तब तक काम बंद रखने की मांग की गई। सोमवार से किसान सोहटी में अनिश्चितकाल के लिए धरना शुरू करेंगे।
