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सोनीपत को बड़ी राहत: ड्रेनों के सुधार पर 12 करोड़ खर्च करेगा सिंचाई विभाग; दूषित पानी से मिलेगी मुक्ति

Published: Sat, 17 Oct 2026 04:30 PM (IST)

सिंचाई विभाग सोनीपत के गोहाना में आबादी के बीच से गुजर रही ड्रेनों के सुधार पर 12.70 करोड़ रुपये खर्च ...और पढ़ें

आबादी के बीच से गुजर रही ड्रेनों की बदलेगी सूरत। AI जनरेटेड

आबादी के बीच से गुजर रही ड्रेनों की बदलेगी सूरत। AI जनरेटेड

HighLights

  1. गोहाना में ड्रेनों के सुधार पर 12.70 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

  2. बड़ौता और खानपुर कलां गांवों की ड्रेनें पक्की होंगी।

  3. हादसों का खतरा कम होगा, भूजल स्तर में सुधार आएगा।

परमजीत सिंह, गोहाना (सोनीपत)। सोनीपत के गोहाना में आबादी के बीच से गुजर रही ड्रेनों में भरे दूषित पानी और खुले किनारों से हादसों का खतरा कम करने के लिए सिंचाई विभाग दो परियोजनाओं पर काम करेगा। इससे बड़ौता और खानपुर कलां गांवों में ड्रेनों की सूरत बदली जाएगी।

बड़ौता में ट्राई ड्रेन चार के चार हजार फीट लंबे हिस्से में पक्का ट्रफ सेक्शन बनाया जाएगा। इस पर 5.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। खानपुर कलां में 7.40 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेन सुधार होगा। दोनों परियोजनाओं पर लगभग 12.70 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

ड्रेनों पर आबादी क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्सों में चारदीवारी भी बनाई जाएगी, जिससे बच्चों और अन्य लोगों के इनमें गिरने का खतरा कम होगा। इससे भूजल स्तर में भी सुधार आएगा। गंदगी व दूषित पानी से राहत मिलने लगभग पांच हजार ग्रामीणों के जीवन स्तर पर असर पड़ेगा।

ट्रफ सेक्शन से ड्रेनों में सुधरेगा पानी का बहाव

ट्रफ सेक्शन का मतलब ड्रेन के अंदर पानी की निकासी के लिए विशेष आकार में तैयार किया जाने वाला पक्का ढांचा है। इससे पानी का बहाव सुधरेगा और आसपास गंदगी व दलदल से राहत मिलेगी।

कच्ची ड्रेनों में दूर तक दूषित पानी फैल जाता है। जहां पानी बहता है, उसके आसपास दलदल बन जाती है, जिससे हादसे का खतरा रहता है। ड्रेनों के पास ग्रामीणों की जमीन भी अनुपयोगी हो जाती है। अब ड्रेनें पक्की होने से निर्धारित जगह पर ही पानी का बहाव होगा।

कच्ची ड्रेनों से भूजल हो जाता है दूषित

जिन कच्ची ड्रेनों में लगातार दूषित पानी बहता है, उसके आसपास का भूजल भी दूषित हो जाता है। उस क्षेत्र में लगे नलकूपों से पानी पीने से ग्रामीण बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। ड्रेनें पक्की होने से पानी का ठहराव नहीं होगा और निकासी व्यवस्था बेहतर होगी। पक्की होने के बाद ड्रेन में बहने वाले पानी का भूजल पर असर नहीं पड़ेगा। इससे भूजल में सुधार आएगा।

जर्जर पुलियाओं को हटाकर बनाई जाएंगी नई पुलियाएं

ड्रेनों के सुधार के साथ विभाग द्वारा जर्जर पुलियाओं की जगह नई पुलियाएं बनाई जाएंगी। गांव बड़ौता में आबादी क्षेत्र के बीच में नए सिरे से पुलिया बनेगी। इससे ग्रामीण ड्रेन के एक से दूसरी तरफ सुरक्षित आवागमन कर सकेंगे। विभाग द्वारा खेतों के क्षेत्र में भी नए सिरे से पुलिया बनाई जाएंगी।

बच्चों के गिरने का खतरा होगा कम

आबादी के बीच से गुजरने वाली खुली ड्रेन बच्चों के लिए खतरा बनी रहती है। ड्रेन में पानी भरा होने और किनारों पर पर्याप्त सुरक्षा नहीं होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

चारदीवारी बनने से लोगों की सीधे ड्रेन तक पहुंच सीमित होगी और हादसों का खतरा कम होगा। गांव भंडेरी में पिछले दिनों एक बच्चा ड्रेन में गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।

गांव बड़ौता में आबादी क्षेत्र में ड्रेन को पक्का कराया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर चारदीवारी भी कराई जाएगी। इससे गांव में भूजल में सुधार आएगा। - अक्षय कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग

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