दहिया खाप का एक प्रधान चुनने के लिए सिसाना में महापंचायत, 6 दिसंबर को हो सकता है अंतिम फैसला
खरखौदा की दहिया खाप में दो प्रधानों की जगह एक प्रधान बनाने पर सिसाना गांव में पंचायत हुई। एक प्रधान सुरेंद्र बाणिया मौजूद रहे।

सांकेतिक तस्वीर, एआई जनरेटेड।
HighLights
दहिया खाप में एक प्रधान बनाने पर सिसाना में पंचायत.
सुरेंद्र बाणिया सहमत, जयपाल दहिया पंचायत से रहे अनुपस्थित.
दिसंबर में दोबारा पंचायत बुलाने का लिया गया निर्णय.
संवाद सहयोगी, खरखौदा। दहिया खाप के दो प्रधानों की जगह एक प्रधान बनाने को लेकर शनिवार को गांव सिसाना स्थित खाप के चबूतरे पर पंचायत हुई। पंचायत में मौजूदा दोनों प्रधानों में से केवल सुरेंद्र बाणिया पहुंचे, जबकि जयपाल दहिया अनुपस्थित रहे। गांव के दोनों सरपंच सहित ग्रामीण पंचायत में शामिल हुए।
इस महीने की शुरुआत में धर्मार्थ गोशाला सिसाना के वार्षिकोत्सव के मंच से दहिया खाप के सामाजिक रुतबे को देखते हुए दो की बजाय एक प्रधान बनाने की मांग उठी थी। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए पंचायत बुलाई गई थी।
इस अवसर पर सुरेंद्र बाणिया ने स्पष्ट किया कि वह इस्तीफा देने नहीं आए हैं, लेकिन खाप का एक प्रधान बनाने के विचार से सहमत हैं। उन्होंने इसके लिए पूरी दहिया खाप को चबूतरे पर आमंत्रित करने की बात कही। हालांकि, उपस्थित पंचायतियों ने इसे परंपरा के विरुद्ध बताया।
दहिया खाप प्रधान जयपाल दहिया ने क्या कहा?
ग्रामीण राजकुमार और पंचायत समिति के पूर्व सदस्य संदीप दहिया ने कहा कि खाप का प्रधान चुनने का अधिकार केवल सिसाना गांव को है। इसके बाद ढाइये की पंचायत से फैसले का अनुमोदन कराया जाता है और फिर इसे दहिया चालीसा के संज्ञान में लाया जाता है।
इस प्रक्रिया के तहत दिसंबर में दोबारा पंचायत बुलाने का निर्णय लिया गया। संभावित तौर पर छह दिसंबर को पंचायत हो सकती है। इसकी सूचना देने और आमंत्रित करने की जिम्मेदारी दोनों पंचायत प्रमुखों की रहेगी। इस अवसर पर सरपंच जग्गी, सुरेश प्रधान, पूर्व पुलिस अधीक्षक अनूप दहिया, सुधीर, मेहर सिंह, दीपक और विकास आदि मौजूद रहे।
उधर दहिया खाप प्रधान जयपाल दहिया ने कहा कि वह जाट समाज के एक कार्यक्रम को लेकर रोहतक में थे, जो बैठक चबूतरे पर बुलाई गई, वह दहिया की न होकर सिसाना के कुछ लोगों की थी। ऐसे में उसे दहिया की पंचायत कहना ठीक नहीं है। इस लिए वह उसका हिस्सा नहीं बने।
