जागरण संवाददाता, सोनीपत: गांव चिड़ाना के किसान राजेश की हत्या मामले में अदालत ने पिता-पुत्र सहित तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों ने मार्च 2016 में राजेश के सिर में ईंट मार कर हत्या कर दी थी। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा.सुशील कुमार गर्ग की अदालत में चल रही थी। सोमवार को अदालत ने सजा सुनवाई है। दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

गांव चिड़ाना में 9 मार्च ,2016 को गांव के किसान राजेश (36) का शव खेत के नजदीक ही छोटे तालाब में लहूलुहान हालत में पड़ा मिला था। उसे ईंट मारकर हत्या की गई थी। राजेश के चाचा रमेश ने पुलिस को बताया था कि उसका भतीजा राजेश खेती बाड़ी का काम करता था। वह 8 मार्च, 2016 को देर शाम खेत में ¨सचाई करने के लिए गया था। जब वह वापस नहीं लौटा तो उसकी तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि राजेश के खेत में लगे ट्यूबवेल पर हौदी बनी हुई है। वहां कुछ ईंटें उखड़ी हुई हैं। राजेश का शव उसके खेत से कुछ दूर छोटे तालाब में बरामद हुआ था। जब पुलिस किसान के खेत में पहुंची तो हौदी की ईंटों पर खून के निशान मिले थे। अंदेशा था कि राजेश की उसके खेत में ही ईंट मार कर हत्या की गई और बाद में उसके शव को तालाब में फेंक दिया गया था। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। जांच के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी जयप्रकाश ने मामले में गांव चिड़ाना के ही कृष्ण, उसके पुत्र राकेश व भाई संतराम उर्फ संता को गिरफ्तार किया था। आरोपितों ने बताया था कि राजेश ने खेत में ¨सचाई के लिए ट्यूबवेल लगाया था, जिसमें से उसने उनके खेतों तक पानी की पाइप लाइन दबाई थी। कृष्ण व संतराम उस पाइप लाइन में साझीदार बनना चाहते थे। राजेश ने साझा करने से मना कर दिया था। इसी पर उनका मनमुटाव बढ़ गया था। जब 8 मार्च 2016 को राजेश खेत में गया तो उसकी ईंट व डंडे मार कर हत्या कर दी गई थी। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा.सुशील कुमार गर्ग तीनों आरोपितों को दोषी करार दिया है। तीनों दोषियों उम्रकैद व एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी किया गया है।

Posted By: Jagran