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25 जुलाई से चातुर्मास का आगाज: 20 नवंबर तक शुभ कार्यों पर लगेगा ब्रेक, भूलकर भी न करें ये गलतियां

Published: Wed, 22 Jul 2026 07:12 PM (IST)

आषाढ़ मास की देवशयनी एकादशी से 25 जुलाई को चातुर्मास शुरू हो रहा है, जो 20 नवंबर तक चलेगा। इस अवधि में भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहेंगे।

25 जुलाई को मनाई जाएगी देवशयनी एकादशी।

25 जुलाई को मनाई जाएगी देवशयनी एकादशी।

HighLights

  1. चातुर्मास 25 जुलाई से 20 नवंबर तक चलेगा।

  2. विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित रहेंगे।

  3. यह अवधि जप-तप और साधना के लिए सर्वोत्तम है।

जागरण संवाददाता, सोनीपत। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी के साथ ही 25 जुलाई से चातुर्मास का आरंभ हो रहा है। आचार्य डॉ. मनमोहन मिश्रा के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु सृष्टि के संचालन का प्रभार देवाधिदेव महादेव को सौंपकर 4 माह के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं।

आचार्य डॉ. मनमोहन मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष चातुर्मास 25 जुलाई से शुरू होकर 20 नवंबर (देवउठनी एकादशी) तक कुल 119 दिन रहेगा।

इस दौरान सूर्य, चंद्रमा और प्रकृति का तेज कम होने के कारण विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और जनेऊ जैसे सभी शुभ एवं मांगलिक कार्य पूर्णतः वर्जित रहेंगे। शास्त्रों में इस अवधि को आत्म-शुद्धि, जप-तप और साधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है।

शुभ मुहूर्त व तिथि का समय

  • एकादशी तिथि प्रारंभ : 24 जुलाई, प्रातः 9:13 बजे
  • एकादशी तिथि समाप्त : 25 जुलाई, प्रातः 11:35 बजे
  • व्रत (उदयातिथि) : 25 जुलाई
  • ब्रह्म मुहूर्त : प्रातः 4:17 से 6:10 बजे
  • अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:00 से 12:55 बजे
  • संध्या पूजा मुहूर्त : शाम 7:17 से रात 8:19 बजे
  • व्रत का पारण : 26 जुलाई, प्रातः 5:40 से 8:20 बजे

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इन नियमों का करें पालन

  1. ऊँ नमो नारायणाय मंत्र का जाप करें तथा सुबह सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
  2. नौकरी, व्यवसाय व कर्ज की समस्याओं से मुक्ति के लिए अन्न, वस्त्र, कपूर, जूते-चप्पल, छाता और गो-दान करें।
  3. तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) का त्याग करें। झूठ और पाप कर्मों से दूर रहते हुए एक समय भोजन का व्रत रख सकते हैं।
  4. पशु-पक्षियों के लिए छत पर दाना-पानी रखें और जरूरतमंदों व साधु-संतों की सेवा करें।

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