जागरण संवाददाता, सोनीपत : हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की ओर से सोनीपत की अनाजमंडी के लिए दी गई आटोमैटिक ग्रेन एनालाइजर मशीन शुरू हो गई है। कंपनी के इंजीनियरों ने अनाजमंडी में पहुंचकर इसकी शुरुआत की है। मशीन के माध्यम से किसान अब अपनी फसलों की गुणवत्ता की एक ही मिनट में जांच करा सकेंगे। इसके बाद गुणवत्ता की रिपोर्ट के आधार पर ही अपनी फसलों को बेहतर भाव में बेच सकेंगे। इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी।

केंद्र सरकार की ओर से किसानों को स्थानीय अनाजमंडी से देशभर में व्यापारियों को फसलें बेचने के लिए वर्ष-2016 में ई-नाम प्रणाली लागू की थी। उसी समय से सोनीपत जिले के किसान भी अपनी फसलों को ई-नाम प्रणाली के अंतर्गत बेच भी रहे हैं। इस दौरान किसानों को फसलों की गुणवत्ता से परेशानी उठानी पड़ रही थी। उनकी फसलों में खरीदार कई बार कम गुणवत्ता बताकर कम भाव लगाते हैं। इससे किसानों को परेशानी के साथ नुकसान भी होता है, क्योंकि वे अब तक अपनी फसलों की गुणवत्ता की जांच स्थानीय तौर पर नहीं करा सकते थे। किसानों की सुविधा के लिए विपणन बोर्ड ने सोनीपत में आटोमैटिक ग्रेन एनालाइजर मशीन भेजी है, जिससे किसान अब फसलों की तुरंत गुणवत्ता का पता करा सकेंगे। किसान विश्राम गृह में लगाई मशीन

बोर्ड प्रशासन ने नई आटोमैटिक ग्रेन एनालाइजर मशीन अनाजमंडी के किसान विश्राम गृह में लगाई गई है। इसमें किसान की 100 ग्राम फसल का सैंपल हो सकेगा। यह मशीन एक मिनट के अंतराल में ही कंप्यूटराइज रिपोर्ट निकालेगी। इसमें धान, गेहूं, बाजरा, मक्का समेत अन्य फसलों की नमी, दानों में टूट-फूट, दाग, प्रोटीन आदि मानकों की जांच होगी। यहां तक की मशीन सैंपल के लिए ली गई फसल को सुरक्षित रखेगी और उसे बाद में किसान को वापस भी दिया जाएगा।

गत महीने मुख्यालय की ओर से सोनीपत में यह मशीन भेजी गई थी। संबंधित कंपनी की ओर से इसको शुरू किया जाना था। अब यह शुरू हो गई है तो किसान इसका लाभ उठा सकते हैं।

- जितेंद्र सैन, सचिव, राष्ट्रीय कृषि विपणन बोर्ड, सोनीपत

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