एशियाई गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर गांव लौटा खानपुर कलां का लाल आशु मलिक, हुआ भव्य स्वागत
एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाले स्टार रेडर आशु मलिक का खानपुर कलां पहुंचने ...और पढ़ें

खानपुर कलां गांव में आशु मलिक का भव्य स्वागत।
HighLights
आशु मलिक एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर खानपुर कलां लौटे।
ग्रामीणों ने फूलों और नोटों की मालाओं से भव्य स्वागत किया।
विधायक देवेंद्र कादियान ने आशु मलिक को सम्मानित कर युवाओं को प्रेरित किया।
जागरण संवाददाता, गोहाना। एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने के बाद खानपुर कलां का लाल और स्टार रेडर आशु मलिक बुधवार को अपने गांव पहुंचा तो ग्रामीणों ने उसका भव्य स्वागत किया। गांव पहुंचने पर आशु का खुली जीप में बाइक काफिले के साथ भव्य स्वागत किया गया।
रास्ते में ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर और फूलमालाएं पहनाकर उसका अभिनंदन किया। बाबा पीपनाथ के डेरे में आयोजित समारोह में गन्नौर विधायक देवेंद्र कादियान ने आशु को सम्मानित किया।
खिलाड़ियों को बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने की प्रेरणा
कादियान ने कहा कि देश के लिए स्वर्ण जीतना आशु की व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं बढ़कर पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है। उनकी सफलता गांव के युवाओं और उभरते खिलाड़ियों को बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने की प्रेरणा देगी।
आशु के गांव पहुंचने पर उत्सव जैसा माहौल रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा, खेल प्रेमी और आसपास के गांवों के लोग अपने स्टार खिलाड़ी की एक झलक पाने के लिए पहुंचे। ग्रामीणों ने फूलों के साथ नोटों की मालाएं पहनाकर भी आशु का स्वागत किया। आशु मलिक ने युवाओं से खेलों से जुड़ने और मेहनत व अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
देश के लिए पदक जीतकर तिरंगा ऊंचा करने का गौरव सबसे अलग
उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से मान-सम्मान, पैसा और पद हासिल किया जा सकता है, लेकिन देश के लिए पदक जीतकर तिरंगा ऊंचा करने का गौरव सबसे अलग है। आशु के पिता रमेश मलिक किसान हैं। समारोह में हरियाणा कबड्डी एसोसिएशन के चेयरमैन कुलदीप दलाल, बलबीर पहल, कुलदीप सिंह, सुरेंद्र दूहन, लीला पहलवान, दिलावर सरपंच, जोगेंद्र, पूर्व सरपंच विजयपाल पहुंचे।
