जागरण संवाददाता, सिरसा : चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में कार्यरत प्राध्यापकों व गैर शिक्षक कर्मचारियों ने वर्ष 2013 में डे-केयर सेंटर बनाने की मांग रखी। जिससे ड्यूटी पर आने के बाद छोटे बच्चों की चिता न रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मांग को स्वीकारा भी। वर्ष 2015 में डे केयर सेंटर का निर्माण कार्य पूरा लिया। जिन स्टाफ सदस्यों ने डे केयर सेंटर बनाने की मांग रखी थी। अब उनके बच्चे स्कूलों में पढ़ाई करने लगे हैं। मगर अभी तक चार साल बीत जाने के बाद भी अभी तक डे केयर सेंटर शुरू नहीं हुआ है।

18 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ सेंटर

विश्वविद्यालय प्रशासन इस सेंटर के निर्माण पर 18 लाख रुपये खर्च की है। डे-केयर सेंटर का निर्माण होने पर निर्माण शाखा ने कुलसचिव को भवन सौंप दिया है ताकि डे सेंटर को शुरू करवाया जा सके। विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के बच्चों का डे-केयर सेंटर में मनोरंजन से लेकर स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखा जाना था। लेकिन भवन पर आरंभ में ही पड़ा ताला आज तक नहीं खुला है।

-- ये मिलनी थी सुविधा

सेंटर में महिला टीचर की व्यवस्था की जानी थी। जो बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देगी। बच्चे खेलते-खेलते थक जाएं तो इसके लिए आराम करने के लिए भी अलग से रूम तैयार किया गया। वहीं बच्चों को संगीत सुनने व अन्य सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाना था। जिसको लेकर डे-केयर सेंटर को आकर्षक लुक दिया गया है।

-- अभी तक नहीं खरीदे गये झूले व खिलौने

डे केयर सेंटर में छोटे बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जानी थी। जिससे बच्चों की देखभाल के साथ पढ़ाई भी हो सके। विभिन्न खेलों के माध्यम से बच्चों को ट्रेंड करने के लिए खिलौने व झूले लगाएं जाने थे। मगर अभी तक झूले व खिलौने खरीदने के लिए चार साल से प्रक्रिया ही पूरी नहीं हुई है। इससे डे केयर सेंटर शुरू नहीं हो पाया है। :::डे-केयर सेंटर में अभी झूले व खिलौने खरीदने के लिए प्रक्रिया चल रही है। जो जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। डे केयर सेंटर को जल्द ही शुरू करवाने का प्रयास किया जाएगा।

रणजीत कौर, इंचार्ज, डे केयर सेंटर, सीडीएलयू सिरसा

Posted By: Jagran

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