जागरण संवाददाता, सिरसा : आयकर विभाग द्वारा चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय को 16 करोड़ रुपये का टैक्स भेजने पर विश्वविद्यालय ने अपना पक्ष रखा। विश्वविद्यालय की ओर से गठित पैनल फाइनेंस ऑफिसर देवेंद्र मेहता के नेतृत्व में चंडीगढ़ पहुंचा है। इस पैनल ने विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस पर अपना जवाब दायर किया है जिसमें कहा गया है कि सरकारी ग्रांट पर विश्वविद्यालय चलता है। ऐसे में विश्वविद्यालय की आय का कोई अपना स्त्रोत नहीं है। गौरतलब है कि आयकर विभाग ने चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय को 16 करोड़ रुपये आयकर जमा करवाने को लेकर नोटिस भेजा गया। नोटिस में कहा गया कि विश्वविद्यालय अपने हिसाब किताब का ब्योरा प्रस्तुत नहीं कर रहा है जबकि इस दिशा में कई बार नोटिस जारी किए गये जा चुके हैं। आयकर विभाग ने 16 करोड़ रुपये आयकर जमा करवाने के लिए निर्देश भी दिए गए। आपत्ति का अंतिम दिन था

आयकर विभाग द्वारा विश्वविद्यालय को सोमवार तक आयकर को लेकर अपनी आपत्ति एवं जवाब दाखिल करने का सोमवार को अंतिम दिन था। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सोलंकी के निर्देश पर फाइनेंस एवं अकाउंट विभाग के अधिकारी चंडीगढ़ पहुंचे। इस पैनल में विश्वविद्यालय के फाइनेंस विभाग के प्रमुख देवेंद्र मेहता, अकाउंट अफसर व सीए को शामिल कर चंडीगढ़ भेजा गया। चंडीगढ़ स्थित विभाग के कमिश्नर के पास पहुंचे और सारी स्थिति से अवगत करवाते हुए उनके सामने अपना जवाब दाखिल किया। विश्वविद्यालय के पास आय का अपना कोई साधन नहीं है। सरकारी ग्रांट मिलती है और इसी ग्रांट के तहत विभिन्न मदों में पैसा खर्च किया जाता है। जिसका पूरा ब्यौरा सरकार एवं संबंधित विभागों को दिया जाता है। :::आयकर विभाग द्वारा नोटिस भेजे जाने पर विश्वविद्यालय ने गठित एक पैनल फाइनेंस ऑफिसर देवेंद्र मेहता के नेतृत्व में सोमवार को चंडीगढ़ पहुंचा। इस पैनल ने विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस पर अपना जवाब दायर किया है।

डा. राकेश वधवा, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू, सिरसा

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