जागरण संवाददाता, सिरसा:

विश्व आत्महत्या निवारण दिवस के उपलक्ष्य में राजकीय महिला महाविद्यालय के महिला प्रकोष्ठ द्वारा नागरिक अस्पताल के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. दलजीत ¨सह ने की। समारोह में डिप्टी सीएमओ रोहताश सैनी, सलाहकार कृतिका सैनी तथा विक्रम सोनी ने छात्राओं को संबोधित किया। आत्महत्या सामाजिक बुराई

डा. रोहताश सैनी व कृतिका सैनी ने कहा कि आत्महत्या एक सामाजिक बुराई है तथा इसे समाज से दूर किया जाना चाहिए। जीवन में मानसिक परेशानियों को दूर करने के उपाय बताते हुए उन्होंने आत्महत्या की वृत्ति को पहचानने व समय-समय पर स्वयं का मूल्यांकन तथा मेडिटेशन के माध्यम से धैर्य शक्ति को बढ़ाने की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से आत्महत्या जैसी कुरीति से बचने के लिए शपथ भी दिलवाई, साथ-ही छात्राओं में होने वाली खून की कमी (एनीमिया) के कारणों और उनके निदान के उपाय बताए। इस अवसर पर स्टाफ सचिव केके डूडी, प्रेस प्रवक्ता डा. हरविन्दर ¨सह, संदीप, शिखा, सविता, अनु व मनीषा उपस्थित रहे। दुनिया भर के आत्महत्या के 17 फीसद मामले भारत में :

राजकीय नेशनल महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. र¨वद्र पुरी ने कहा कि दुनियाभर में आत्महत्या की घटनाओं में अत्यधिक बढ़ोतरी हो रही है और इसके बहुत से कारण भी है। जीवन अमूल्य है इसलिए इसको बचाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसाधारण को जागरूकता होनी चाहिए कि आत्महत्या करने वाले लोग किस तरह का व्यवहार आमतौर पर करते हैं। दुनियाभर में होने वाले आत्महत्या के केस के17 फीसदी मामले अकेले भारत में होते हैं और यह संख्या बहुत ज्यादा है। आत्महत्या करने के ज्यादा मामले 18 वर्ष से 45 वर्ष के बीच में होते हैं। दोस्तों को भी चाहिए कि वे अपने उन मित्रों पर हमेशा ध्यान रखें । जो किसी कारण से उदास हैं और यदि उन्हें किसी बात का आभास होता है तो वे घर के किसी बड़े व्यक्ति को इसकी सूचना अवश्य दें।

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