आनंद भार्गव, सिरसा : कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी क्षेत्र के मुकाबले अधिक नुकसान हुआ है। दूसरी लहर में गांवों में संक्रमण तेजी से फैला और संक्रमण के मामले शहर के मुकाबले अधिक आए। इसके साथ दूसरी लहर में गांवों में शहरी क्षेत्र के मुकाबले मौत भी अधिक हुई। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर निगाह डालें तो बीते वर्ष 2020 में सिरसा जिले में संक्रमण के 7933 मामले सामने आए थे। इनमें से शहरी क्षेत्र में 6137 मामले थे जबकि गांवों में महज 1796 मामले थे। बीते वर्ष जिले में संक्रमण से 113 लोगों की मौत हुई थी। इनमें शहरी क्षेत्र में 85 जबकि ग्रामीण एरिया के 28 मौत थी। वर्ष 2021 में संक्रमण की दूसरी लहर में मामले भी तेज रफ्तार से बढ़े तो मौत का आंकड़ा भी तीन गुणा तक पहुंच गया। वर्ष 2021 में 10 जून तक जिले में संक्रमण के 20941 केस सामने आए है। इनमें से शहरी क्षेत्र के 9239 केस है जबकि गांवों में यह आंकड़ा 11702 तक पहुंच गया। इस वर्ष 10 जून तक संक्रमण के कारण 344 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें शहरी क्षेत्र के 158 जबकि ग्रामीण आंचल के 166 है। जिला महामारी विशेषज्ञ डा. संजय कुमार का कहना है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने गांवों को भी अपनी चपेट में ले लिया। बीते वर्ष गांवों में संक्रमण के मामले बेहद कम थे और मौत भी कम हुई थी। संक्रमण रोकने के लिए मास्क लगाकर रखना और वैक्सीनेशन करवाना कारगर उपाय है।

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रविवार को मिले 33 केस, चार मौत

जिले में रविवार को कोरोना संक्रमण के 33 नए मामले सामने आए है। जबकि संक्रमण के कारण चार लोगों की मौत हुई है। 61 लोगों ने संक्रमण को मात दी। जिले में रिकवरी रेट 97.02 फीसद तक पहुंच गया है। संक्रमण के कारण रविवार को गांव चट्ठा निवासी 70 वर्षीय महिला की बठिडा में मौत हो गई। वहीं डबवाली निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति की नागरिक अस्पताल सिरसा में मौत हो गई वहीं गांव चकेरिया निवासी 63 वर्षीय व्यक्ति की बाबा तारा अस्पताल में तथा ऐलनाबाद निवासी 71 वर्षीय महिला की नागरिक अस्पताल में मौत हो गई। जिले में पाजिविटी रेट 7.55 फीसद तक पहुंच गया है। मृत्युदर 1.63 फीसद हो गई है।

Edited By: Jagran