जागरण संवाददाता, सिरसा : जून महीने में कोरोना संक्रमण पीक पर रहा, इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हाइ रिस्क माने जाने वाले 70 गांवों में डोर टू डोर सर्वे किया। सर्वे में सिरसा जिले में कोरोना सिम्टोमेटिक 4103 केस मिले, जो प्रदेश में सबसे अधिक थे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना की दूसरी लहर के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में डोर टू डोर सर्वे करवाया गया था। प्रत्येक जिले में दो से ढाई लाख लोगों का सर्वे किया गया। अभियान के दौरान प्रदेशभर में 27,66393 घरों में डोर टू डोर सर्वे किया गया, इनमें एक करोड़ 31 लाख 68223 लोगों का डाटा इकट्ठा किया गया था। इस दौरान संक्रमित मिले अधिकतर लोगों को होम आइसोलेट किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के गांवों में बड़ी संख्या में संक्रमित मिलने के बाद संक्रमितों के रेपिड के सेंपलिग भी दोबारा लिए गए थे, जिसके बाद संक्रमितों की संख्या में कमी आई थी। डिप्टी सिविल सर्जन डा. बुधराम ने बताया कि मई के लास्ट व जून महीने में जब कोरोना पीक पर था तो उस समय हाट स्पाट बने गांवों में आशा वर्करों द्वारा डोर टू डोर सर्वे किया गया था, इस दौरान खांसी, जुकाम, बुखार पीड़ित लोग मिले थे, जिनमें कोरेाना के संभावित लक्ष्ण थे। जून महीने के बाद कोरोना के केस कम होने लगे थे। जुलाई महीने में संक्रमण से हुई मात्र दो मौत, संक्रमण के 64 केस सामने आए जिले में जुलाई महीने में कोरोना संक्रमण पर काफी हद तक लगाम लगी। जुलाई महीने में संक्रमण के कारण दो ही मौत हुई है। इस महीने में संक्रमण के 64 केस सामने आए है। जिले में रिकवरी रेट 98.24 फीसद तक पहुंच गया है। वर्तमान में जिले में चार एक्टिव केस हैं। शनिवार को जिले में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। जिले में अब तक चार लाख 34 हजार 627 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। अब तक 29246 संक्रमित मिल चुके हैं। 20वें सप्ताह में बढ़ी संक्रमण की रफ्तार स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर निगाह डालें तो वर्ष 2021 के 20वें सप्ताह में संक्रमण सबसे अधिक रहा। 10 मई से 16 मई 2021 के सप्ताह में संक्रमण के 4420 केस सामने आए थे। वहीं इससे पहले तीन से नौ मई तक 4294 और उससे पहले सप्ताह में 3318 संक्रमण के केस आए थे।

Edited By: Jagran