जागरण संवाददाता, सिरसा :

चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के अनुबंधित अध्यापकों ने समान काम, समान वेतन की मांग को लेकर शुक्रवार को तीसरे दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। वहीं भूख हड़ताल पर बैठे चार सहायक प्राध्यापकों में से 50 घंटे बाद एक सहायक प्राध्यापिका की तबीयत बिगड़ गई। जिसे नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक ने भूख हड़ताल पर बैठे अन्य तीन सहायक प्राध्यापकों के स्वास्थ्य की जांच की हुई। सहायक प्राध्यापक पी रहे हैं सिर्फ पानी

समान काम समान वेतन की मांग को लेकर अनुबंधित चार सहायक प्राध्यापक भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। जिनमें पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग से कृष्ण कुमार, एमबीए विभाग से प्रवीन कुमार, फूड साइंस एवं टेक्नोलॉजी विभाग से विकास कुमार व एजुकेशन विभाग से वंदना भूख हड़ताल पर हैं। उक्त सभी प्राध्यापक सिर्फ पानी ही पी रहे हैं। शुक्रवार दोपहर को भूख हड़ताल पर एजुकेशन विभाग से अनुबंधित सहायक प्राध्यापिका की दोपहर करीब 2 बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। इस पर धरने पर बैठे प्राध्यापकों ने नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया। सहायक प्राध्यापिका की तबीयत बिगड़ने की सूचना जैसे ही विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी को मिली। उन्होंने मौके पर जाकर दूसरे सहायक प्राध्यापकों के स्वास्थ्य की जांच की। तबीयत बिगड़े या कुछ विवि प्रशासन नहीं दे रहा है ध्यान

विश्वविद्यालय के अनुबंधित प्राध्यापक संघ के प्रधान डा. कृष्ण कुमार, राममेहर सिंह, राजेश कुमार, जगदीश भादू, अलोक, रजनी, पूनम, डा. टिम्सी मेहता, डा. प्रियंका ने कहा कि समान काम समान वेतन की मांग को लेकर पिछले तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठे है। इससे कर्मचारियों की तबीयत भी बिगड़नी शुरू हो गई है। इसके बाद भी अभी तक कर्मचारियों की मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विवि के कुलपति व रजिस्ट्रार ने अभी तक कोई सुध नहीं ली है। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कार्यरत अनुबंधित सहायक शिक्षकों को वर्तमान में स्कूलों के अतिथि शिक्षकों से भी कम वेतनमान दिया जा रहा है। एक जेबीटी अतिथि शिक्षक को 26000 रुपये, टीजीटी को 30000 रुपये और पीजीटी को 36000 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है। वहीं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले विश्वविद्यालयों में कार्यरत अनुबंधित शिक्षकों को मात्र 25 से 30 हजार रुपये वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा पीएचडी और नेट धारक अनुबंधित सहायक शिक्षक अनदेखी का शिकार हो रहे है। सरकार द्वारा 27 जून को कॉलेज एक्सटेंशन लेक्चरर और अनुबंधित अतिथि प्राध्यापक का वेतनमान समान काम समान वेतन पॉलिसी के तहत 25000 से बढ़ाकर 57700 रुपये मासिक कर दिया। लेकिन जिन विश्वविद्यालयों के अंतर्गत ये कालेज आते है, वहां कार्यरत शिक्षकों को अभी भी समान काम समान वेतन नीति से बाहर रखा गया है। छात्र संगठनों ने भी शुरू किया धरना

विश्वविद्यालय में एक तरफ जहां अनुबंधित सहायक प्राध्यापक धरना दे रहे हैं। वहीं विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी शुक्रवार को धरना शुरू कर दिया। छात्रा नेताओं ने कहा कि सहायक प्राध्यापकों की समान काम समान वेतन की मांग पूरी की जाए। हड़ताल पर सहायक प्राध्यापकों के होने से छात्रों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। जिससे छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है।

Posted By: Jagran

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