जागरण संवाददाता, सिरसा : चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह फº की बात है कि पूरे प्रदेश में शोध पत्रों के साइटेशन स्कोर के मामले में विश्वविद्यालय दूसरे नंबर पर है। शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लगातार बड़े कदम उठाए जा रहे हैं और समय-समय पर सेमिनार, वेबीनार व कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। विश्वविद्यालय द्वारा पिछले कुछ समय में काफी अहम कदम उठाए हैं जिनके सार्थक परिणाम मिल रहे हैं। कुलपति प्रो. मलिक विश्वविद्यालय के शोध अधिष्ठाता कार्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शोधार्थियों को शोध विषय का चयन समाज की जरूरत के अनुरूप करना चाहिए। कुलपति ने शोधार्थियों को विश्वविद्यालय की रीढ़ बताया। कुलपति ने कहा कि शोधार्थियों के लिए विश्वविद्यालय में अनेक तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

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योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक बताया

कार्यक्रम में शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. सुरेश गहलावत ने विश्वविद्यालय की अकादमिक गतिविधियों एवं भावी योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। शोध अधिष्ठाता प्रो. विक्रम सिंह ने शोधार्थियों के समक्ष एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से उन तमाम सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया जो शोधार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि शोध गतिविधियों को बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय लीक से हटकर गंभीरता से काम कर रहा है और पिछले कुछ समय में कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक के दिशा निर्देश में बड़े कदम उठाए हैं।

---- कुलपति ने पुस्तकालय व आईटी सेल का किया औचक निरीक्षण

कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने नैक के प्रस्तावित दौरे से संबंधित तैयारियों का जायजा लेने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद पुस्तकालय तथा विश्वविद्यालय के यूआईटीडीसी सेंटर का औचक निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। कुलपति ने दोनों स्थानों पर अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों द्वारा की गई तैयारियों पर संतुष्टि जाहिर की। कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों को प्रत्येक प्रकार की सुविधाएं प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन वचनबद्ध है।

Edited By: Jagran