संवाद सहयोगी, रानियां : जैन संत जितेन्द्र मुनि महाराज ने कहा कि जीवन में कर्मों का सबसे ज्यादा प्रभाव होता है। जब कर्मों की मार पड़ती है तो समय पर कोई वकील काम नहीं आता। किसी का कोई तर्क-वितर्क नहीं चलेगा। जैन संत जितेन्द्र मुनि, रमन मुनि महाराज, प्रभाव मुनि, व्याकरणाचार्य प्रभास मुनि महाराज व प्रशमित मुनि महाराज रानियां में प्रवचन कर रहे थे। जैन संतों ने नवतत्व के ज्ञान में चार गतियों के वर्णन करते हुए बताया कि नरक गति, त्रियंच गति, मनुष्य गति व देव गति है।

वहीं रविवार को मोहन लाल जैन की पत्नी राजरानी जैन के नौ व्रतों की तपस्या का पारणा जैन संतों द्वारा उनके निवास पर जाकर करवाया गया। धर्म सभा में शालिमार बाग दिल्ली, लुधियाना, उना, कालांवाली, सिरसा, सुलतानपुर लोधी व संगरिया सहित अनेक स्थानों से पहुंचे लोगों ने संतों का आशीर्वाद ग्रहण किया। इस अवसर पर मास्टर चंपा लाल जैन, विनोद जैन, नरेश जैन, रविन्द्र जैन, प्रेम जैन, मोहन लाल, सुरेन्द्र जैन, नेमचंद, कालांवाली से मक्खन लाल, संजीव कुमार, मास्टर योगेश जैन, पुलकित जैन, सुमति जैन, हिमांशु जैन, साहिल जैन, रोहित जैन, मनोज मेहता, चन्द्र जैन, मुकेश जैन, संजय जैन दिल्ली उपस्थित थे।

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