जागरण संवाददाता, रोहतक : भिवानी रोड स्थित वृद्धाश्रम सेवा संघ में शुक्रवार देर रात वृद्ध ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वृद्ध कुरुक्षेत्र जिले का रहने वाला है, जो करीब दो माह पहले ही आश्रम में आया था और तभी से तनाव में था।

मूलरूप से कुरुक्षेत्र के शाहाबाद मारकंडा निवासी 60 वर्षीय रमेश वर्मा 20 जून को आश्रम में आया था। वह तभी से आश्रम में रह रहा था। फिलहाल आश्रम में करीब 85 वृद्ध रह रहे हैं। एक कमरे में चार लोग रहते हैं। शुक्रवार देर रात रमेश अपने साथियों के साथ बाहर बैठा हुआ था। करीब साढ़े आठ बजे वह कमरे में चला गया। कुछ देर बाद उसके साथी भी सोने के लिए कमरे में पहुंचे, लेकिन कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज लगाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद आश्रम में काम करने वाले कर्मचारियों को जानकारी दी। कर्मचारियों ने खिड़की से झांककर देखा तो रमेश ने छत पर लगे पंखे में रस्सी का फंदा डालकर फांसी लगाई हुई है। आत्महत्या की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एफएसएल इंचार्ज डा. सरोज मलिक दहिया की जांच पड़ताल के बाद शव को नीचे उतारा और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मृतक के परिजनों को मामले की जानकारी दी। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शादी के छह साल बाद ही पत्नी हो गई थी अलग

जिस समय रमेश आश्रम में आया था उसने आश्रम की मैनेजमेंट को लिखित में एक पत्र दिया था। इसमें रमेश ने बताया था कि उसकी शादी 26 साल पहले हुई थी। शादी के बाद पत्नी झगड़ा करने लगी। इस वजह से छह साल बाद ही दोनों अलग हो गए थे। इसके बाद से रमेश अकेला रह रहा था। उसके भाई आए दिन उसके साथ झगड़ा करते थे और उसे घर पर भी नहीं रहने देते। इसी से परेशान होकर वह आश्रम में पहुंचा है। 25 साल में नहीं हुई ऐसी घटना : महामंडलेश्वर डा. स्वामी परमानंद महाराज

आश्रम संचालक महामंडलेश्वर डा. स्वामी परमानंद महाराज का कहना है कि आश्रम करीब 25 साल से चल रहा है, लेकिन वृद्ध आश्रम में कभी भी ऐसी कोई घटना नहीं हुई। घटना बेहद दुखद है। मृतक के परिजनों को इसके बारे में जानकारी दे दी गई है।

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