जागरण संवाददाता, रोहतक :

स्वास्थ्य विभाग के दो बहुउद्देशीय कर्मचारियों ने शुक्रवार को मुंडन करा कर सरकार के प्रति अपना विरोध प्रकट किया। सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर ही धरना स्थल पर उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर 5 सितंबर तक उनकी मांगों को लेकर नोटिफिकेशन नहीं जारी किया तो वह दोबारा से मुंडन कराएंगे और आंदोलन करेंगे। उन्होंने एस्मा को भी कर्मचारी विरोधी बताया। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके लिए ही सरकार की ओर से एस्मा लागू किया गया। कर्मचारी शनिवार को दोपहर 12 बजे सहकारिता मंत्री की कोठी का घेराव करेंगे।

स्वास्थ्य विभाग के बहुउद्देशीय कर्मचारी लगातार पिछले पांच दिनों से अपनी लंबित मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। वह पीजीआइ के परिसर में स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर ही प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों ने शुक्रवार को भी अपनी मांगों के समर्थन में सरकार विरोधी नारे लगाए और रोष प्रकट किया। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे से कर्मचारियों ने मुंडन कराना शुरू किया। बहुउद्देशीय कर्मी और सुपरवाइजर मंजीत ने सबसे पहले मुंडन कराया। इसके बाद एसोसिएशन के जिला सचिव मुकेश कुमार ने भी धरना स्थल पर ही अपने बाल उतरवाए। इस दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी कर उनका हौसला बढ़ाया और सरकार के प्रति विरोध जताया। कर्मचारियों ने बताया कि सरकार अब बिना बातचीत किए एस्मा लागू कर दमनकारी नीति अपना रही है। इसी के विरोध में मुंडन कराया गया है। पांचवें दिन धरने व प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान कुलताज मलिक ने की। मंच संचालन जिला सचिव मुकेश कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि शनिवार को सभी कर्मचारी मानसरोवर पार्क में जुटेंगे। वहां से जुलूस के रूप में निकलते हुए वह सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर की कोठी की ओर बढ़ेंगे। अगर पांच सितंबर तक मांगों को नहीं लागू कर दिया जाता है तो दोबारा से मुंडन कराया जाएगा और आंदोलन तेज होगा।

बोले- एस्मा से डरने की नहीं है जरूरत

इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के बहुउद्देशीय कर्मचारियों को विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने समर्थन दिया है। संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया है कि एस्मा से डरने की जरूरत नहीं है। इस दौरान पूर्व स्टेट प्रधान निर्मल बल्हारा, सर्व कर्मचारी संघ के राज्य सचिव रमेश, जिला सचिव प्रदीप जांगड़ा, संजय, राज्य प्रधान वन विभाग जोगेन्द्र करौथा, मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के स्टेट महासचिव ओमपाल, रोजगार सीमिती से राजकुमार पन्नू, सीटू से विनोद देशवाल ने अपना समर्थन दिया।

उप स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं प्रभावित, इन अभियानों को झटका

बहुउद्देशीय कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इससे विभिन्न विभागों के स्वास्थ्य अभियान को भी झटका लगा है। एक ओर जहां पिछले पांच दिन से शहर में एंटी लारवा एक्टिविटी नहीं की गई है, वहीं टीबी के नए मरीज खोजने का अभियान भी बंद पड़ा है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक बुधवार को होने वाले टीकाकरण व प्रमाण पत्र बनवाने में भी किसी कर्मचारी ने अपना सहयोग नहीं दिया।

Posted By: Jagran