जागरण संवाददाता, रोहतक : पटेल नगर में हुए बहुचर्चित जोगिद्र उर्फ जुग्गी हत्याकांड के मामले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपितों को क्लीन चिट दे दी गई। जांच में दोनों आरोपित बेकसूर मिले। उन्हें नहीं पता था कि मुख्य आरोपित उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। जांच में बेकसूर मिलने पर पुलिस ने कोर्ट से अपील कर दोनों आरोपितों को जेल से रिहा करा दिया है।

यह था मामला

पटेल नगर निवासी 50 वर्षीय जोगिद्र उर्फ जुग्गी गांधी कैंप निवासी राजेंद्र कपूर उर्फ टिटू की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। जून में वह पैरोल पर आया था। 4 जून की शाम वह भतीजे संदीप के साथ गाड़ी में सवार होकर घर जा रहा था। घर के पास पहुंचते ही स्कूटी सवार हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसे मौत के घाट उतार दिया था। मामले में पुलिस ने राजेंद्र उर्फ टिटू के बेटे अनिल उर्फ सोनू, रमन समेत नीरज, संजय, चवन्नी, अक्षय और ध्रुव को भी गिरफ्तार कर लिया था। मामला तभी से कोर्ट में विचाराधीन है।

इस तरह दोनों आरोपित मिले बेकसूर

जिस समय पुलिस ने आरोपित अक्षय और ध्रुव को गिरफ्तार किया तो उन्होंने खुद को बेकसूर बताया। वे बार-बार कहते रहे कि उनका इन दोनों परिवारों से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद पुलिस ने अपने स्तर पर गहनता से जांच की। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपित अनिल और रमन फाइनेंस का काम करते हैं। अक्षय और ध्रुव ने उनसे कुछ रुपये उधार ले रखे हैं। मुख्य आरोपितों ने अक्षय और ध्रुव को झांसा दिया कि उन्हें जोगिद्र उर्फ जुग्गी से दो लाख रुपये लेने हैं। अगर उसने रुपये दे दिए तो तुम्हारे रुपये माफ कर दिए जाएंगे। मुख्य आरोपितों ने कहा कि जोगिद्र उन्हें नहीं मिल रहा है जब वह घर से निकले तो उनके पास फोन कर दें, वह आकर जोगिद्र से रुपये ले लेंगे। इस तरह मुख्य आरोपितों ने अक्षय और ध्रुव को गुमराह कर उनसे रेकी करा ली। इन दोनों को यह नहीं पता था कि आरोपितों ने जोगिद्र की हत्या की प्लानिग कर रखी है। जांच में सामने आने के बाद पुलिस ने कोर्ट से अपील कर दोनों को जेल से रिहा करा दिया। वर्जन

जोगिद्र हत्याकांड के मामले में आरोपित अक्षय और ध्रुव निर्दाेष मिले। इसके बाद कोर्ट से अपील कर दोनों को जेल से रिहा करा दिया गया है।

- गोरखपाल राणा, डीएसपी हेडक्वार्टर

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