जागरण संवाददाता, रोहतक : बहुअकबरपुर गांव में किसान ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची सदर थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। आरोप यह लगाया जा रहा है कि किसान ने गांव के जमींदार की जमीन में गेहूं की फसल बो रखी थी, लेकिन कटाई के बाद जमींदार ने गेहूं देने से मना कर दिया। मानसिक तनाव में आकर किसान ने आत्महत्या की है। पुलिस ने जमींदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस को दी गई शिकायत में बहुअकबरपुर गांव के रहने वाले अनिल ने बताया कि उसका परिवार खेतीबाड़ी करता है। उसके पिता तेजपाल ने गांव के ही सुदेश की जमीन साझे पर ले रखी थी, जिसमें दो किल्ले में गेहूं की फसल बो रखी थी। उसमें मेहनत कर गेहूं की फसल तैयार की गई। 29 अप्रैल को गेहूं की कटाई के बाद सुदेश और उसके पिता ऋषिपाल ने तेजपाल को गेहूं देने से मना कर दिया। पिता-पुत्र ने एक किल्ला गेहूं बेच दिए और बाकी अपने घर लेकर चले गए। किसान तभी से रोजाना उनसे गेहूं की मांग कर रहा था, लेकिन आरोपितों ने उसे धमकी दी कि यदि गेहूं मांगे तो जान से मार देंगे। अनिल का आरोप है कि इससे उसके पिता मानसिक रूप से परेशान थे। इसी वजह से बुधवार को तेजपाल ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसकी पीजीआइ में उपचार के दौरान मौत हो गई। पता चलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। शिकायत के बाद पुलिस ने सुदेश और ऋषिपाल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिवार से कहता था अब कैसे करेंगे गुजर-बसर

परिजनों का कहना है कि तेजपाल ने दिन-रात मेहनत कर साझे में फसल तैयार की थी। लेकिन जब से जमींदार ने उसे गेहूं देने से मना किया था तब से वह काफी परेशान था। वह परिवार के लोगों को बार-बार कहता था कि अब कहां से गेहूं लाएंगे। कैसे परिवार की गुजर-बसर करेंगे। हालांकि परिवार के लोग उसे समझा रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि तेजपाल यह कदम उठा लेगा।

Posted By: Jagran

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