राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़ : पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सामाजिक न्याय विभाग हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि वह हलफनामा देकर बताएं कि जांच के लिए विभाग के पैनल में कितने जांच अधिकारी हैं। साथ ही यह भी बताया जाए कि 70 वर्ष से अधिक आयु के कितने जांच अधिकारी काम कर रहे हैं और उनको कितनी जांच सौंपी गई है। हाई कोर्ट ने यह आदेश अभियोजन विभाग के पूर्व अतिरिक्त निदेशक सुखबीर सिंह द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया।

सुखबीर ने याचिका में सेवानिवृत सेशन जज आरपी भसीन को उनके खिलाफ विभागीय जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त करने को चुनौती दी थी। सुखबीर ने कोर्ट को बताया कि 15 मार्च 2022 को मुख्य सचिव ने एक प्रशासनिक आदेश जारी कर किसी भी विभाग में 70 साल से अधिक उम्र के जांच अधिकारी को नियुक्त न करने के आदेश दिए थे। लेकिन विभाग ने चार अक्टूबर 2022 को एक आदेश जारी कर उनके खिलाफ जांच के लिए लिए 84 साल के सेवानिवृत सेशन जज आरपी भसीन को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया।

याचिका में आरोप लगाया गया कि अभियोजन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष व वर्तमान में निदेशक विशेष नरशेर सिंह के द्वारा यह किया जा रहा है। भसीन नरशेर सिंह के प्रभाव में जांच कर रहे हैं और उसे दोषी करार दिया जा सकता है। कोर्ट को बताया गया कि उसने नरशेर को विभागाध्यक्ष के पद से हटाने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

उसकी याचिका के बाद नरशेर को विभागाध्यक्ष के पद से हटाकर निदेशक विशेष के पद पर लगा दिया गया था। हाई कोर्ट में केस दायर करने के बाद नरशेर ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और कई मामले में आरोपित बना दिया। वह इस साल अप्रैल माह में सेवानिवृत भी हो गए।

Edited By: Versha Singh

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