यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एमडीयू में माली की आत्महत्या के मामले ने पकड़ा तूल, स्वजनों के साथ इनसो ने किया प्रदर्शन
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में ठेके पर लगे माली सचिन शर्मा की आत्महत्या को लेकर मामला गरमा गया है। विश्वविद्यालय के ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, रोहतक : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में ठेके पर लगे माली सचिन शर्मा की आत्महत्या को लेकर मामला गरमा गया है। विश्वविद्यालय के बागवानी एसडीओ सहित तीन लोगों पर आत्महत्या के आरोप लगे हैं। शनिवार को इस मामले में न्याय की मांग लेकर स्वजनों के साथ इनसो कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोपितों को बचाने के आरोप भी लगाए। प्रदर्शन के दौरान कुलपति प्रो. राजबीर सिंह और इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप देशवाल के बीच किसी बात को लेकर बहस भी हो गई। सुरक्षा कर्मियों व अन्य अधिकारियों ने बीचबचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया।
प्रदीप देशवाल ने कहा कि एसडीओ बलजीत पर रुपए लेकर कच्ची नौकरी दिलाने व आत्महत्या के लिए मजबूर करने के गंभीर आरोप लगे हैं परंतु पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की बजाय विवि प्रशासन इस मामले दबाना चाहते हैं। देशवाल ने कहा कि सुसाइड नोट पर मुक़दमा दर्ज होने के बावजूद एमडीयू प्रशासन ने अब तक आरोपितों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। प्रदर्शन के दौरान मृतक कर्मचारी सचिन को न्याय की मांग को लेकर मां, दादा, दादी सहित परिवार के अन्य सदस्यों व छात्रों ने करीब दो घंटे कुलपति आवास के बाहर धरना दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि विश्वविद्यालय आरोपितों को बचाना चाहता है। सुसाइड नोट में भी आरोपितों के नाम है, लेकिन अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया। इस अवसर पर स्वजनों के अलावा इनसो एमडीयू इकाई के प्रभारी प्रदीप शर्मा, प्रधान रवि रेढू, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक मलिक, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव मोहित साहू, नीरज, साहिल आदि उपस्थित थे।
यह है मामला
दरअसल, एमडीयू के माली सचिन शर्मा द्वारा आत्महत्या करने के मामले में एसडीओ बलजीत सिंह व दो अन्य कर्मचारियों के ़खलिाफ पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मुकदमा दर्ज किया है। मृतक सचिन शर्मा के पास पुलिस को जो सुसाइड नोट मिला था, उसमें आरोप लगाया गया है कि बलजीत सिंह ने नौकरी लगाने के बदले 50 ह•ार रुपए रिश्वत ली थी। सुसाइड नोट में दो अन्य कर्मचारियों अजमेर व कमलजीत का भी नाम है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आइपीसी की धारा 304, 34 के तहत मुक़दमा दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है।
