जागरण संवाददाता, रोहतक : जिले की पंचायतों को जल संरक्षण और वाटर रि-यूज के प्रति जागरूक करने के लिए पांच सिविल इंजीनिय¨रग कालेजों का चयन किया गया है। इसके लिए चयनित कॉलेजों के छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उसके बाद इन पांच कालेज के छात्र हर एक पंचायत के जाकर ग्रामीणों को वाटर रि-यूज के प्रति जागरूक करेंगे। इस माह की 14 तारीख को पाउंड एडवाइजरी अथॉरिटी के चेयरमैन ने चयनित कालेजों की बैठक कुरुक्षेत्र में बुलाई है।

जिला में पांच ब्लॉक और कुल 139 पंचायतें हैं। ग्रामीण क्षेत्र में पानी का जल स्तर को काफी ऊपर है लेकिन जमीनी पानी खारा होने के कारण पीने योग्य नहीं है। जिस कारण गर्मी के मौसम में गांवों के पाने के पानी के लिए हाहाकार मचा रहता है। वहीं पशुओं के पीने और खेती के लिए भी पानी की किल्लत का सामना ग्रामीणों को करना पड़ता है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजाना हजारों लीटर गंदा निकलता है। जिसका कोई उपयोग नहीं होता है। इसलिए प्रदेश सरकार की ओर से गंदे पानी का उपयोग और ग्रामीण क्षेत्र में पानी की समस्या के समाधान के लिए वाटर रि-यूज की योजना बनाई गई। जिसके पहले चरण में जिला के सिविल इंजीनिय¨रग के छात्र हर एक पंचायत में जाकर ग्रामीणों को वाटर रि-यूज और जल संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे। इसके लिए पांच ब्लॉकों की सभी पंचायतों को जागरूक करने के लिए जिला के पांच सिविल इंजीनिय¨रग कॉलेजों का चयन किया है। अब इन कॉलेजों के छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और उसके बाद छात्र गांवों के जाकर ग्रामीणों को जागरूक करेंगे। --इन कालेजों का किया गया है चयन सत प्रिया इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनिय¨रग कालेज एंड टेक्नोलॉजी, जींद रोड के छात्र लाखनमाजरा ब्लॉक की पंचायत को, माटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनिय¨रग कॉलेज एंड मैनेजमेंट, दिल्ली रोड के छात्र सांपला, वैश्य कॉलेज ऑफ इंजीनिय¨रग के छात्र रोहतक ब्लॉक की पंचायत को, सत प्रिया इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनिय¨रग कॉलेज एंड टेक्नोलॉजी, जींद रोड के छात्र महम ब्लॉक की पंचायत को और मां सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनिय¨रग कॉलेज के छात्र कलानौर पंचायत को वाटर रि-यूज के प्रति जागरूक करेंगे। --जिला की सभी पंचायतों को वाटर रि-यूज और जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए जिला के पांच सिविल इंजीनिय¨रग कॉलेज का चयन किया गया है। इन कॉलेजों को एक-एक ब्लॉक दिया गया है। चयनित कॉलेजों के छात्रों को अब प्रशिक्षित किया जाएगा। उसके बाद छात्र ग्रामीणों को जागरूक करेंगे।

- केके धनखड़, कार्यकारी अभियंता पंचायती राज विभाग, रोहतक ------------

मनोज मिश्र

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