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रोहतक के सुभाष नगर में पेयजल की गंभीर समस्या, साफ पानी के लिए तरसे लोग; स्वास्थ्य पर पड़ रहा बुरा असर

Published: Fri, 13 Feb 2026 11:42 AM (IST)

रोहतक के सुभाष नगर में गंदे पानी की समस्या गंभीर हो गई है। नलों से बदबूदार और मटमैला पानी आ ...और पढ़ें

सुभाष नगर में गंदे पानी की गंभीर समस्या, लोग साफ पानी को तरसे।

सुभाष नगर में गंदे पानी की गंभीर समस्या, लोग साफ पानी को तरसे।

HighLights

  1. नलों से बदबूदार और मटमैला पानी आ रहा है

  2. दूषित पेयजल से पेट और त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ीं

  3. निवासियों ने जल्द समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी

जागरण संवाददाता, रोहतक। सुभाष नगर क्षेत्र में गंदे पानी की समस्या लगातार गहराती जा रही है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि नलों से साफ पानी के बजाय बदबूदार और मटमैला पानी आ रहा है। इससे इलाके के सैकड़ों परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग ने अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि कई बार नगर निगम और जल आपूर्ति विभाग में शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। अधिकारियों को मौखिक और लिखित रूप से समस्या से अवगत भी कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। कुछ दिनों के लिए पानी की सप्लाई ठीक होती है, फिर वही स्थिति दोबारा सामने आ जाती है।

लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन में लीकेज और सीवरेज लाइन के पास से गुजर रही पेयजल पाइपों के कारण गंदा पानी सप्लाई में मिल रहा है। गंदे पानी के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों में पेट दर्द, उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी बीमारियों की शिकायतें बढ़ने लगी हैं। मजबूरी में लोग बाजार से बोतलबंद पानी या टैंकर का पानी खरीदकर पीने को विवश हैं।

जल्द समाधान नहीं तो विभाग का करेंगे घेराव

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। लोगों ने मांग की है कि पेयजल लाइन की तुरंत जांच कराई जाए, लीकेज को ठीक किया जाए और जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक स्वच्छ पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

यहां पर पाइपलाइन को बदला जा रहा है और जहां भी दूषित पानी की शिकायत आ रही है वहां पर फाल्ट ढूंढकर समाधान किया जा रहा है। -भूदेव शर्मा, जेई, पब्लिक हेल्थ।