जागरण संवाददाता, रोहतक

रिओ ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली महिला पहलवान साक्षी मलिक का जलवा कायम है। शुक्रवार को इंदौर में विरोधी महिला कुश्ती खिलाड़ी को एकतरफा पटखनी दी। फिलहाल ससुराल वालों के लिए यह खुशी का पल है, क्योंकि उनकी बहू यानि साक्षी शादी के बाद पहली दफा कोई मेडल लेकर आएंगी। इस दफा खुशी ज्यादा इसलिए भी है कि साक्षी ने गोल्ड जीता है। हालांकि साक्षी के पति सत्यव्रत कादियान का शनिवार को मुकाबला है। सत्यव्रत के जीतने की स्थिति में सत्यवान अखाड़े में शानदार स्वागत की तैयारी है।

इंदौर में 15 नवंबर से सीनियर कुश्ती के मुकाबले शुरू हुए थे। सीनियर कुश्ती में सबसे ज्यादा निगाहें सुशील कुमार, साक्षी के साथ दूसरे कई पहलवानों पर टिकी थीं। रेलवे की तरफ से खेलते हुए साक्षी ने अपने नाम के मुताबिक प्रदर्शन किया। रोहतक में भी साक्षी के प्रदर्शन को लेकर निगाह थी। यहां बता दें कि साक्षी की इसी साल दो अप्रैल को 15 बार के भारत केसरी सत्यव्रत के साथ शादी हुई थी। साक्षी के पिता सुखबीर मलिक कहते हैं कि शादी के बाद उनकी बेटी ने एक प्रतियोगिता में शिरकत तो की थी, लेकिन मेडल नहीं जीत सकी थीं। साक्षी अब दिसंबर में होने वाली कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के साथ ही जनवरी में होने वाली कुश्ती लीग की तैयारियों में जुट जाएंगी।

दिसंबर में होने वाली कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप के लिए चयन

जिन खिलाड़ियों ने सीनियर कुश्ती में पहला यानि गोल्ड व दूसरा स्थान पाया है, उन्हें अगली सीरिज में खेलने का मौका मिलेगा। इसी साल दिसंबर में कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप होगी। साक्षी के साथ ही पहले और दूसरे स्थान पर रहने वालों का दिसंबर में आयोजित होने वाली कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में खेलना तय है। रेलवे की टीम के सीनियर कोच कुलदीप मलिक कहते हैं कि अगले साल जनवरी में कुश्ती लीग, अप्रैल में कॉमनवेल्थ गेम्स, फरवरी में एशियन चैंपियनशिप होगी।

मां ने इंटरनेट पर देखी कुश्ती

साक्षी की मां सुदेश मलिक कहती हैं कि हमारी खुशी तो दोगुनी उस दौरान होगी जब अगले ओलंपिक में हमारी बेटी गोल्ड मेडल जीतकर लाएगी। इंदौर में आयोजित हुए मुकाबले को देखने के लिए मां ने इंटरनेट का सहारा लिया। हालांकि पिता सुखबीर मलिक और परिवार के दूसरे सदस्य कार्य में व्यस्त रहे।

ससुर पहुंचे बहू का मुकाबला देखने, आज सत्यव्रत की कुश्ती

शुक्रवार को साक्षी की कुश्ती थी। इस मुकाबले को देखने के लिए साक्षी के ससुर व अर्जुन अवार्डी सत्यवान कादियान भी पहुंचे। इंदौर में शनिवार को सत्यवान के बेटे सत्यव्रत का भी मुकाबला है। सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक परिणाम आएंगे। सत्यव्रत के मुकाबले देखने के बाद ही साक्षी के ससुर वापस लौटेंगे।

वर्जन

शादी के बाद से जब भी साक्षी रोहतक में रूकी तभी से मेरे अखाड़े में ही अभ्यास कर रही हैं। हम परिवार वालों के लिए बेहद खुशी का पल है कि हमारी बहू घर गोल्ड मेडल आएगी। मैं 18 नवंबर को इंदौर से वापस आऊंगा।

सत्यवान कादियान, साक्षी के ससुर

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सीनियर कुश्ती प्रतियोगिता में जीतने वाली खिलाड़ियों को कैंप में जाने का मौका मिलेगा। जिसमें अगले साल कॉमनवेल्थ और एशियन चैंपियनशिप आदि बड़ी प्रतियोगिताओं में खेलने का मौका मिलेगा।

ईश्वर दहिया, कुश्ती कोच

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अगली बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए ए और बी टीमों का चयन होगा। जहां तक मुझे जानकारी है ए टीम में पहले स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों को वरीयता दी जाएगी, जबकि बी टीम में दूसरे स्थान पर रहने वाली खिलाड़ियों को मौका मिलेगा।

कुलदीप मलिक, रेलवे के सीनियर कोच व साक्षी के रेलवे कोच।

Posted By: Jagran

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