अरुण शर्मा, रोहतक

बरसाती सीजन में टूटी सड़कें मुसीबत बन सकती हैं। कुछ सेक्टरों में सड़कों के निर्माण के एक से ढाई साल के अंतराल में ही सड़कें जर्जर हो गईं। सेक्टर-2 व सेक्टर-3 पार्ट में 42.99 लाख रुपये की लागत से सड़कों के निर्माण में धांधली मिली थी। उस दौरान दो ठेकेदार ब्लैकलिस्ट किए गए थे। धरोहर राशि से ही दोबारा से सड़कों के निर्माण के आदेश दिए थे। दोबारा से सड़कों का निर्माण भी हुआ, लेकिन एक साल से सड़क टूटी पड़ी है। वहीं, सेक्टरों में अन्य कुछ सड़कें 68 लाख की सड़कें भी टूटी होने का दावा किया जा रहा है। दूसरी ओर, बरसाती सीजन से पहले ही टूटी सड़कें लोगों को दर्द देने लगी हैं। सेक्टर-1 की रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव के धेवते का हाथ टूट गया। इन मामलों से समझें सड़कों की बदहाली की कहानी :::::::::

केस एक : सेक्टर-दो तीन पार्ट में कागजी सड़क

सेक्टर-2 और सेक्टर-3 पार्ट के निवासी एसएस सांगवान ने दावा किया है कि दो-तीन साल के अंदर ही सड़क का टूटना गंभीर मामला है। यहां जब काम हुआ तब ठेकेदार ने लापरवाही बरती। इसलिए फिर से सड़क का निर्माण कार्य कराया गया। ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट तक करने का दावे थे। अब जर्जर सड़क है।

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केस दो : 20 साल का वादा था, एक साल में ही डैमेज हो गई सड़क

हिसार रोड औद्योगिक क्षेत्र के प्रधान एसके खटौड़ ने दावा किया है कि सेक्टर-1 की सड़कें महज एक साल के अंदर ही टूट गईं। वादा किया गया था कि सड़कें 20 साल तक टूटेंगी नहीं। एक साल के अंदर ही सड़कें टूटने से हादसे हो रहे हैं। लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। जांच भी होनी चाहिए।

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केस तीन : सड़कों से पहले सीवरेज लाइनें दुरूस्त हों

सेक्टर-3 निवासी ताऊ उम्मेद सिंह ने दावा किया है कि सड़कों की जर्जर हालात तो दुरूस्त हो जाएगी। लेकिन बरसाती सीजन से पहले सीवरेज लाइनें साफ होना बेहद जरूरी है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो बरसाती पानी मुसीबत बनेगा।

-- टूटी सड़कें नहीं सुधर रहीं, रोजाना हो रहे हादसे : केके खीरवाट

सेक्टर-1 की रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव एडवोकेट केके खीरवाट ने मांग की है कि सेक्टरों की सड़कों का निर्माण तत्काल कराया जाए। दावा किया है कि 17 जून को उनका धेवता माणिक साइकिल से घर लौट रहा था। इसी दौरान एक कार से बचने के लिए बचने के लिए साइड में साइकिल लगाने की कोशिश की तो अचानक गड्ढा सामना आ गया। इस कारण संतुलन बिगड़ गया और साइकिल सहित गिरने से बायां हाथ टूट गया। बार-बार सड़कें टूटने की जांच की मांग की है। ::::::::::::::::::: वर्जन ::::::::::::::::::::::::::::::::

प्रत्येक वार्ड में दो-दो लाख रुपये से सड़कों की होगी मरम्मत : मेयर

हम प्रत्येक वार्ड में दो-दो लाख रुपये दिलाएंगे। इस रकम से टूटी सड़कों की मरम्मत कराई जा सकेगी। बरसाती सीजन से पहले नई सड़कों का निर्माण नहीं हो सकता है। लेकिन जर्जर सड़कों पर मरम्मत के कार्य तत्काल ही शुरू कराने के आदेश दिए गए हैं।

मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम

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सभी जेई-एसडीओ को आदेश दिए हैं कि वह हर हाल में शहरी क्षेत्र और सेक्टरों की सड़कों की रिपोर्ट तैयार करें। छोटे-बड़े प्रत्येक गड्ढे के फोटो हरपथ साइट पर अपलोड करें। फिलहाल सेक्टरों की सड़कों की मरम्मत के लिए 10 लाख रुपये मंजूर कर दिए गए हैं। शहरी क्षेत्र में गड्ढे भरने के लिए 20 लाख रुपये के अलग से टेंडर किए जाएंगे। इसके बावजूद कहीं टूटी सड़कें रह जाएंगी और हादसा होगा तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

प्रदीप गोदारा, आयुक्त, नगर निगम

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टूटी सड़कें सभी सेक्टरों और शहरों में बरसात से पहले दुरूस्त होनी चाहिए। विधानसभा चुनाव में भी जो सड़कें निर्मित हुई थीं वह भी टूट गईं।

कदम सिंह अहलावत, पार्षद, वार्ड-11

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