जागरण संवाददाता, रोहतक : शहरी क्षेत्र में हालात नहीं सुधर रहे हैं। स्थिति यह है कि जगह-जगह गड्ढे हैं। अधिकारी बेफिक्र हैं। सुनवाई के बजाय हादसों का इंतजार हो रहा है, यह आरोप जनता लगा रही है। पार्षदों की नाराजगी भी किसी से छिपी नहीं है। अधिकारियों पर आरोप है कि वह कोहरे और अंधेरे वाले क्षेत्रों में भी जर्जर सड़कों को दुरूस्त नहीं करा रहे हैं। जबकि जर्जर सड़कों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं।

शहरी जनता का आरोप है कि बजरंग भवन फाटक के निकट यानी दिल्ली रोड पर अपोलो टायर के पास और राज मोटर्स के सामने सड़क धंस गई है। यह शहर की लाइफ लइन यानी मुख्य मार्ग है। इसलिए यहीं से अधिकतर वाहन गुजरते हैं। फिर भी यही हाल है। इसी तरह से जाट भवन से आगे मार्केट के सामने सेक्टर-1 की तरफ और हाउसिग बोर्ड की तरफ जाने वाले गेट के पास सड़कें धंसी हुई हैं। यहां करीब दो साल साल पहले गैस पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी गई थी। जिसकी वजह से सीवर का पाइप डैमेज हो गया था। यहां मिट्टी डालकर गड्ढा बंद किया गया था। जो दोबारा बैठ गया। इसके बाद यहां कुछ लोग खुद निर्माण सामग्री लेकर आए, लेकिन कुछ लोगों ने आपत्ति जताई कि यह कार्य नगर निगम या फिर प्रशासन का है। यहां लगभग 8 या 9 महीने से ऐसे ही सड़क बैठी नजर आ रही है।

हाउस की बैठक न बुलाने पर पार्षदों की बढ़ी नाराजगी

कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए नगर निगम के अधिकारियों ने हाउस की बैठक न कराने का फैसला लिया है। नगर निगम के मेयर मनमोहन गोयल ने कुछ दिन पहले ही आयुक्त डा. नरहरि बांगड़ को पत्र लिखा था। यह भी कहा था कि हाउस की बैठक कराई जाए। हालांकि अधिकारियों ने ओमीक्रोन के लगातार मामले बढ़ने पर हाउस की बैठक न कराने का अनुरोध किया था। कुछ पार्षद अधिकारियों की बात से सहमत हैं। जबकि कई पार्षद कहते हैं कि अधिकारी जवाबदेही से बच रहे हैं।

राजेंद्र नगर में गड्ढों ने किया बेहाल

राजेंद्र नगर निवासी गजेंद्र यादव का दावा है कि बरसात के बाद सड़कों का बुरा हाल हो गया है। कालोनी की गलियों से निकलना मुश्किल है। पूरे प्रकरण में अधिकारियों पर अनदेखी और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। इन्होंने बताया कि गोहाना रोड स्थित राजेंद्र नगर में होने वाले हादसों को लेकर नगर निगम प्रशासन गंभीर नहीं है। इन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण में अधिकारी गंभीरता आज तक नहीं दिखा सके। यही कारण है कि लगातार हादसे हो रहे हैं। सोमवार को अधिकारियों से शिकायत करेंगे। --------------

अरुण शर्मा

Edited By: Jagran