रोहतक [ओपी वशिष्ठ]। साध्वी यौनशोषण मामले में फैसला सुनाए जाने के बाद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को जेल में एक साल हो चुका है। कभी वह स्वयंभू रॉक स्टार जैसा भगवान था। लेकिन, अब वह जेल में दीनहीन बुजुर्ग हो गया है। वजन भी घट चुका है। लंबी दाढ़ी में छिपा झुर्रियों से भरा चेहरा देख एकबारगी तो उसे पहचाना ही नहीं जा सकता है। चेहरे की झुर्रियों से उसकी उम्र का भी आभास होने लगा है। सूत्रों के मुताबिक अगर राम रहीम का चेहरा इतना कुंद पड़ चुका है कि अचानक उसके भक्त भी देख लें तो पहचान न पाएं।

जेल में गुरमीत को न तो दाढ़ी-बाल कलर करने की सुविधा है न ही कपड़े प्रेस करवाने की। जेल मैनुअल इसकी इजाजत नहीं देता। इसलिए जेल मैनुअल के तहत वहीं पर बने खादी के कपड़े पहनना मजबूरी है। वह सुबह-शाम गार्डन में पौधों और उगाई सब्जियों की सिंचाई करता है।

जेल प्रशासन के सामने है सुरक्षा की चुनौती

जेल में राम रहीम की सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं। उच्च कोटि की तकनीक वाले कैमरे से उसकी सेल के आसपास के एरिया पर नजर रखी जाती है। सूत्र बताते हैं कि गुरमीत डिप्रेशन में है। ऐसी स्थिति में कोई गलत कदम न उठा ले, इसको लेकर जेल प्रशासन अलर्ट रहता है। उसकी सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मचारी भी उसके साथ बातें करके व्यस्त रखते हैं। शुरुआत में वह जेल के खाने से परहेज करता था, अब ऐसा नहीं है।

रोजाना दो घंटे करता है काम

पिछले दिनों जेल सूत्रों से खबर मिली थी कि गुरमीत ने रोजाना करीब दो घंटे खेती करते हुए आलू, घीया, तौरी, टमाटर व एलोवेरा की बिजाई की थी। उसके द्वारा की गई बागवानी से करीब डेढ़ क्विंटल आलू की उपज हुई है। एलोवेरा की पौध भी काफी बड़ी हो गई हैं। वह सुबह-शाम योग व ध्यान भी करता है। देखरेख में लगे चार नंबरदारों के साथ अब तो वह खूब बतियाता भी है।

25 अगस्त 2017 को सुनारिया जेल में आया था गुरमीत

गुरमीत को साध्वी दुष्कर्म प्रकरण में सीबीआइ की विशेष अदालत ने पंचकूला में 25 अगस्त को दोषी करार दिया था। इसी दिन उसे सुनारिया जेल में भेज दिया गया था। 28 अगस्त को जेल में ही अदालत लगाकर गुरमीत को दो मामलों में 10-10 साल की सजा सुनाई थी। यह सजा 20 साल तक चलेगी। 25 अगस्त से ही वह सुनारिया जेल में बंद है।

ग्राटिंग कार्ड के बाद अब राखी के लिए डाकघर में डेरा समर्थकों का जमावड़ा

उधर, इन दिनों जेल में सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम को उनके समर्थक डाक के माध्यम से राखियां भेजने में जुटे हुए हैं। डाक अधिकारियों के अनुसार सिरसा में कुल भेजी जाने वाली डाक में 75 फीसद डाक अकेले डेरा प्रमुख के नाम की हैं। यह स्थिति न केवल अकेले सिरसा डाकघर की है बल्कि जिले के दूसरे उप डाकघरों की भी यही स्थिति है। इससे पहले भी डेरा प्रेमियों की भीड़ डाकघर तक पहुंची थी। तब डेरा प्रमुख के नाम जन्मदिन के बधाई संदेश भेजे गए। मगर इस बार डेरा प्रेमियों की खासी भीड़ एक बार फिर से डाकघरों तक पहुंच रही है और यह भीड़ डेरा प्रमुख को राखियां भेजने की है।

डाकपाल कमल कुमार के मुताबिक डाकघर में अधिकतर डाक डेरा प्रमुख के नाम पर सुनारिया भेजी जा रही हैं। अकेले मुख्य डाकघर से रोजाना 300 से 400 डाक निकल रही है। डेरा समर्थक सुबह नौ बजे लाइनों में लग जाते हैं हर किसी के पास कई-कई डाक होती है। तीन बजे तक स्पीड पोस्ट के लिए लाइन में लगे रहते हैं और उसके बाद डाक को रजिस्ट्री से भेजने के लिए चार बजे तक लगे रहते हैं। 15 से पहले ग्रीटिंग कार्ड भेज रहे थे और अब राखियां भेज रहे हैं।

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Posted By: Kamlesh Bhatt