जागरण संवाददाता, रोहतक : वर्ष 2016 में हुई ईएसआइ की हत्या के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जसबीर सिंह की कोर्ट ने आरोपित मुंशी को दोषी करार दिया है। उसे बुधवार को सजा सुनाई जाएगी।

कन्हेली गांव निवासी जयकिशन हरियाणा पुलिस में ईएसआइ पद पर तैनात थे। सितंबर 2016 में ईएसआइ की ड्यूटी हिसार रोड स्थित मालखाने में थी। पांच सितंबर को ईएसआइ का बेटा खाना देकर घर चला गया था। इसके बाद पता चला कि रात में हार्ट अटैक के कारण ईएसआइ की मौत हो गई थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव उनके परिजनों को सौंप दिया। मृतक के बेटे ने भी किसी पर कोई शक नहीं जताया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि ईएसआइ की मौत हार्ट अटैक से नहीं, बल्कि चोट लगने से हुई थी। उसके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। इसके बाद मामला हत्या में दर्ज कर लिया गया। खंगाली गई कॉल रिकार्ड और लिए गए कई लोगों के बयान

मामले की गहनता से जांच पड़ताल शुरू की गई। इसमें कई लोगों के बयान दर्ज किए गए और ईएसआइ के मोबाइल की कॉल रिकार्ड भी खंगाली गई। इस दौरान सामने आया कि ईएसआइ के साथ पानीपत के माछरौली निवासी मनोज भी ड्यूटी कर रहा था। मनोज मुंशी का काम करता है। मनोज ने बयान दिया कि वह छुट्टी लेकर गुगामेड़ी गया था। वह शाम को गुगामेड़ी से लौटा तो ईएसआइ और एक अन्य व्यक्ति शराब पी रहे थे। इसके बाद मनोज अपने घर चला गया। सुबह होने पर जब वह आया तो ईएसआइ मृत मिला। हालांकि उसका मोबाइल और बैग घटनास्थल पर ही मिले थे। लंबी पड़ताल के बाद पुलिस ने मुंशी मनोज को गिरफ्तार किया। उसने पुलिस को गुमराह किया था। मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जसबीर सिंह की कोर्ट ने आरोपित को दोषी करार दिया। कोर्ट ने आरोपित को दोषी करार दिया है, लेकिन किस आधार पर दोषी करार दिया गया यह फैसले के कॉपी मिलने के बाद ही बताया जा सकता है। बुधवार को फैसले की कॉपी मिल जाएगी।

अभिषेक चौधरी, आरोपित पक्ष के अधिवक्ता

Posted By: Jagran

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