जागरण संवाददाता, रोहतक : समरगोपालपुर कलां गांव में तालाब की पंचायती जमीन से पूरा कब्जा नहीं हटवाने पर ग्रामीणों में रोष है। सरपंच समेत अन्य लोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस-प्रशासन ने केवल तालाब का रास्ता खुलवाया है, जबकि बाकी जमीन पर कब्जा नहीं हटवाया। यह गलत है।

दरअसल, समरगोपालपुर गांव के सरपंच शिवकुमार ने उपायुक्त को शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि राजपूतों वाले तालाब पर एक व्यक्ति ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। तालाब पर केवल एक गोघाट है। इस घाट पर गांव के पशु तालाब में जाते हैं। लेकिन वहां पर एक व्यक्ति ने अवैध निर्माण करा दिया।

उपायुक्त के आदेश पर तहसीलदार गुलाब सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया था। मंगलवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ काफी संख्या में पुलिसकर्मी गांव में पहुंचे। सरपंच ने आरोप लगाया कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने केवल तालाब का रास्ता खुलवाया है। इसके अलावा कब्जा नहीं हटवाया गया। पुलिस-प्रशासन ने अधूरी कार्रवाई की है। जो सही नहीं है। पंचायती जमीन से कब्जा हटना चाहिए। सरपंच का कहना है कि इस मामले में उच्च अधिकारियों को शिकायत दी जाएगी।

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