जागरण संवाददाता, रोहतक : हास्पीटिलिटी के क्षेत्र में अतिथि देवो भव का मूलमंत्र पूरे विश्व में सर्वमान्य है। यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय करियर की संभावनाओं से भरा है, बस जरूरत है कि सकारात्मक नजरिए के साथ इस क्षेत्र की डिमांड के अनुरूप अपनी स्किल्ज विकसित करने की। यह बात न्यूजीलैंड के वैरउ रिवरवाइन, ब्लेंहिएम के शेफ विकास सहरावत ने कही। वह बुधवार को एमडीयू के इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट (आइएचटीएम) में विशेष व्याख्यान कार्यक्रम में बोल रहे थे।

शेफ विकास सहरावत ने कहा कि खाना बनाना एक कला है। खाने की पौष्टिकता, स्वच्छता व गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने की बात उन्होंने कही। उन्होंने एक बेहतर शेफ बनने के गुर विद्यार्थियों को बताए। शेफ विकास सहरावत ने यूके, इंडिया और न्यूजीलैंड में अपने कार्यानुभवों को विद्यार्थियों के साथ सांझा करते हुए कहा कि बेहतर कम्यूनिकेशन स्किल्ज, पॉजीटिव एटीट्यूड, लीडरशिप क्वालिटी, टीम वर्क एबिलिटी और नया सीखने की ललक ही सफलता की राह खोलेगी। उन्होंने न्यूजीलैंड में पर्यटन एवं सत्कार के क्षेत्र में रोजगार के अवसरों बारे भी विस्तार से जानकारी दी। इससे पूर्व आइएचटीएम के निदेशक प्रो. आशीष दहिया ने स्वागत भाषण दिया। प्रो. आशीष दहिया ने कहा कि पर्यटन एवं सत्कार एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जो विद्यार्थियों को सुनहरा करियर प्रदान करता है। प्रो. दहिया ने विद्यार्थियों से अपने संचार कौशल एवं व्यक्तित्व को विकसित करने की बात कही। प्राध्यापिका डा. गुंजन ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर डा. शिल्पी, डा. शैली, पीआरओ पंकज नैन, विकास दांगी और आइएचटीएम के विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran