जागरण संवाददाता, रोहतक : जनवरी 2017 में एक ऑनर किलिग के मामले में बुधवार को कोर्ट ने मां-बाप और भाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर विभिन्न धाराओं के तहत जुर्माना लगाने के भी आदेश दिए हैं। अदालत ने दोषियों के जुर्म पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने जो अपराध किया है वह माफी के लायक नहीं हैं। ऑनर किलिग जैसे जघन्य अपराध के लिए कड़ी से कड़ी सजा दी जानी आवश्यक है।

पांच जनवरी 2017 को शिवाजी कालोनी पुलिस को शिकायत मिली थी कि एक परिवार ने अपनी बेटी का मर्डर कर दिया है। जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो आरोपित शमशान में अंतिम संस्कार कर रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को चिता से बाहर निकालकर जांच पड़ताल शुरू की थी। हरी सिंह कालोनी निवासी प्रदीप शर्मा ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि वह मृतका सीमा से प्रेम करता था। जिसके चलते उन्होंने 21 दिसंबर 2016 को कोर्ट में शादी की थी। जिसके बाद जब परिजनों को शादी का पता चला तो सीमा के परिजनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। वह अपने परिजनों के पास मेरठ जा रहा था। जब रास्ते में उसने सीमा को फोन किया तो उसके परिजनों ने कहा कि सीमा की मौत हो चुकी है। जिसके बाद प्रदीप ने पुलिस को सूचित कर उसके परिजनों पर सीमा की हत्या करने का आरोप लगाया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सीमा के पिता खुशीराम, उसके भाई रिकू और उसकी मां अंग्रेजों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। अब बुधवार को मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने तीनों दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। अपनी संतान को मारने वाले को माफी नहीं

कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए टिप्पणी की कि अपनी ही संतान की हत्या करने वाले दोषियों को किसी भी हाल में माफ नहीं किया जा सकता है। जो व्यक्ति अपनी संतान की हत्या कर सकता है, उसे खुले में छोड़ना किसी भी हाल में समाज के लिए खतरे से खाली नहीं है।

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