जागरण संवाददाता, रोहतक

लाखों रुपये के बजट से निíमत हुए हाई टेक शौचालयों में अव्यवस्थाओं को लेकर व्यापारियों व स्थानीय दुकानदारों में रोष है। पालिका बाजार के सामने और सिविल अस्पताल के पीछे वाले शौचालय में महज डेढ़ माह बाद ही अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही हैं। हालात यह हो गए हैं कि यूनीरल पोट्स के बीच में पत्थरों के पाíटशन वाले पत्थर टूट गए हैं। यूनीरल भी फर्श पर आ रहा है। सफाई कर्मचारी लगातार सफाई कर रहा है, फिर भी इसी कारण सफाई नहीं हो पा रही है। स्थानीय व्यापारियों व दुकानदारों ने रोष जताया है कि समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन के लिए विवश होंगे।

पालिका बाजार के सामने और सिविल अस्पताल के पीछे वाले गेट के निकट ही हाईटेक शौचालय का निगम प्रशासन ने निर्माण कराया था। स्थानीय दुकानदार मनीष नारंग का दावा है कि करीब 15 दिन में तीन बार शिकायत कर चुके हैं। जब भी शिकायत हैं तो नगर निगम के अधिकारी कहते हैं कि समाधान करा देंगे, लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका है। इनका कहना है कि शौचालय का उपयोग राहगीरों के साथ ही सिविल अस्पताल आने वाले मरीज व स्थानीय दुकानदार-व्यापारी भी करते हैं। बता दें कि नगर निगम ने शहर में पहले चरण में 13 हाईटेक शौचालयों का निर्माण कराया था। बाद में भी करीब इतने ही शौचालयों का निर्माण हुआ है। टूटे पत्थर, यूनीरल पोट्स भी बेहद छोटे

स्थानीय दुकानदार मनीष नारंग, अश्वनी सचदेवा, बंटी आहूजा, बृजलाल, नरेंद्र कुमार, पवन भाटिया, सोमनाथ आदि ने आरोप लगाए कि तीन दिन पहले भी शिकायत दी। उस दौरान यही कह दिया कि जिस एजेंसी ने निर्माण कराया है, उनके अधिकारियों को बताएंगे। इनका यह भी दावा है कि यूनीरल पोट्स के बीच में लगे पत्थर टूट गए हैं। यूनीरल पोट्स स्टील के हैं और बेहद छोटे हैं। इससे गंदा पानी फर्श पर भर जाता है। इससे दुर्गंध के साथ ही गंदगी के बीच से लोगों को निकलना पड़ता है। हाईटेक शौचालय की लागत पर उठ चुके हैं सवाल

हाईटेक शौचालय के निर्माण को लेकर पहले ही सवाल उठ चुके हैं। कांग्रेस के नेताओं ने एक शौचालय के निर्माण में करीब 11 लाख रुपये तक खर्च होने का दावा किया था। हालांकि निगम अफसरों ने कुछ ही शौचालयों में इतनी रकम खर्च होने का दावा किया था। निर्माण की लागत को लेकर पूर्व पार्षद भी विरोध जता चुके हैं। पीडब्ल्यूडी कार्यालय के निकट वाले शौचालय से हुई थी चोरी

हाईटेक शौचालयों में अव्यवस्थाओं का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ माह पहले ही पीडब्ल्यूडी कार्यालय के निकट बने शौचालय से चोरी हो गई थी। सीसीवीटी कैमरे लगे होने के बावजूद भी सामान की चोरी होने पर सवाल उठे थे। वहीं, चोरी के घटना के बाद दो-तीन दिनों तक निगम प्रशासन ने शौचालय पर ताला जड़ दिया था। जब व्यापारियों ने नाराजगी जताई तब शौचालय का ताला खुल सका था। कुछ दूसरे शौचालयों पर भी अव्यवस्थाएं देखने को मिल

रही हैं। :::::मैंने जब शिकायत तो अधिकारियों ने कह दिया कि दो दिन के अंदर कर्मचारी आ जाएंगे। उस बात को भी 10 दिन से अधिक हो गए। लेकिन कोई भी अधिकारी या फिर कर्मचारी आया नहीं। इसके बाद भी अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है।

मनीष नारंग, स्थानीय दुकानदार, पालिका बाजार के निकट ::::मैं चार-पांच दिन से ट्रे¨नग पर हूं इसलिए मुझे जानकारी नहीं है। कोई शिकायत आई होगी तो मामले की जांच करवाई जाएगी।

आरएस वर्मा, आयुक्त, नगर निगम

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