जागरण संवाददाता, रोहतक : विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया है। आंदोलनरत कर्मचारियों का साफ कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से उनकी मांगों के प्रति उदासीनता दिखाई जा रही है। जिससे कर्मचारियों में भारी रोष बना हुआ है और सोमवार से वे शहर की पेयजल व सीवर लाइन व्यवस्था बंद कर देंगे। वहीं, सुभाष चौक स्थित जनस्वास्थ्य विभाग के सर्कल कार्यालय में धरने पर बैठे डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के सदस्यों का आंदोलन रविवार को छठे दिन भी चला। पिछले दिनों हुई मौत का शिकायत हुए चार कर्मचारियों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों का उनके प्रति सकारात्मक रवैया न होने के चलते उनको धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। धरने के दौरान सभी कर्मचारी संगठनों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि जब तक विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआइआर रद नहीं की जाएगी और दोषी पुलिस कर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी तब तक उनको आंदोलन जारी रहेगा। उधर, अगर पेयजल और सीवर लाइन बंद हुई तो शहर में हाहाकार मच सकता है। भीषण गर्मी में पेयजल किल्लत से लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं सीवर लाइन ठप होने से समस्या और भी विकट हो सकती है। प्रशासन की होगी जिम्मेदारी :

कर्मचारियों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द से जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो 8 जुलाई से शहर की जलापूर्ति व सीवर व्यवस्था को रोक दिया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी। आज के धरने पर डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश रूहिल, फतेह सिंह, राकेश प्रधान, सुरेंद्र मकड़ौली, पवन ढुल, सुरेंद्र ठेकेदार, अनिल जेई, एनके खन्ना, नवीन कत्याल, अमित जेई, उमा प्रसाद व नवीन चौहान और प्रवीन आदि ने भाग लिया। यह है पूरा मामला :

दरअसल, कच्चा बेरी रोड पर जनस्वास्थ्य विभाग के डिस्पोजल पर चैंबर में मोटर की पंप की प्लेट खोलने उतरे पंप ऑपरेटर सहित चार कर्मचारियों धर्मेंद्र, रणजीत, अनिल सैनी व संजय की 26 जून को मौत हो गई थी। जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बताते हुए परिजनों के साथ ही कर्मचारी नेताओं ने जबरदस्त हंगामा किया था। पूरे प्रकरण में उपायुक्त के आदेश पर जांच भी शुरू कर दी थी। इस हादसे में मृतक धर्मेंद्र के भाई परमेंद्र की शिकायत पर जनस्वास्थ्य विभाग के चार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कि गया था। जिनके केस वापस लेकर बहाली की मांग धरने पर बैठे कर्मचारी कर रहे हैं। गवाह आज करा सकते हैं बयान दर्ज :

बता दें कि डिस्पोजल की मरम्मत करते समय हुई चार कर्मचारियों की मौत के मामले की न्यायिक जांच एसडीएम रोहतक राकेश कुमार की ओर से की जा रही है। इस मामले में अगर कोई स्वतंत्र गवाह है तो वह एसडीएम रोहतक कार्यालय में 8 जुलाई को सुबह पहुंचकर अपने बयान दर्ज करवा सकता है। प्रशासन की ओर से मामले में कार्रवाई की जा रही है।

Posted By: Jagran

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