जागरण संवाददाता, रोहतक : दुख हरता-सुख करता गणपति बप्पा को अनंत चतुर्दशी पर हर्षाेल्लास से विदाई दी गई। दस दिन से घरों में स्थापित गणपति बप्पा की आराधना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं ने उनकी मूर्ति को जल में विसर्जित किया। श्रद्धालु जिस उत्साह के साथ गणेश चतुर्दशी पर बप्पा को घर लाए, वैसे ही उल्लास के साथ गणेश भगवान को मंगलवार को विदा किया गया। इसके साथ ही उनसे अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना भी की। मंगलवार को विभिन्न श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ गणपति विसर्जन किया। एहतियात के तौर पर जेएलएन नहर पर पुलिस का पहरा रहा और ज्यादातर लोगों ने घरों में ही बप्पा का विधि-विधान के साथ विसर्जन किया। हालांकि अनेक श्रद्धालुओं ने भालौठ सब ब्रांच में भी बप्पा का विसर्जन किया। उनका दावा है कि मिट्टी की प्रतिमाओं का विसर्जन किया है। सेक्टर एक निवासी सुमित, एफडीडीआइ कैंपस निवासी केडी पांडेय, प्रेम नगर निवासी विजय, शास्त्री नगर निवासी हिमांशु, गांधी कैंप निवासी शिवम, शीतल, चिराग, मनीष निधि, राजू, कुंज व सुगम सहित अनेक श्रद्धालुओं ने बताया कि गणेश चतुर्दशी पर बप्पा को हर्षोल्लास के साथ घर लाए थे। नहीं हुए भव्य कार्यक्रम :

श्रद्धालुओं ने बतया कि दस दिनों तक विधि-विधान से बप्पा की पूजा की है। हालांकि, कोरोना काल के चलते इस बार भव्य कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जा सका। श्रद्धालुओं ने घरों में ही पूजा की और छोटे कार्यक्रम किए। श्रद्धालुओं ने सादगी के साथ ही गणपति की मूर्ति स्थापित कर पूजा की और विदाई भी सादगी के साथ दी गई।

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