जागरण संवाददाता, रोहतक :

हरियाणा के सूर्य कवि पंडित लख्मी चंद के जीवन को हरियाणा ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्दे पर ले जाया जाएगा। दादा लख्मीचंद के जीवन पर आधारित इस कहानी में गजब का कंटेंट है। उनके जीवन और कला को हरियाणा ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्दे तक ले जाएंगे। इसके लिए बजट की दिक्कत है, लेकिन अगर अपना घर भी बेचना पड़ा तो, वह भी करेंगे। रविवार को रोहतक में बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता यशपाल शर्मा ने दैनिक जागरण के मुख्य संवाददाता ओपी वशिष्ठ से इस फिल्म के बारे में बातचीत की।

यशपाल शर्मा ने कहा कि हरियाणा के लोक गायक पंडित लख्मी चंद की गायिकी के लोग आज भी दीवाने हैं। उनकी वाणी में अटूट शक्ति थी। यूं कह सकते हैं कि उनकी जुबान पर साक्षात सरस्वती का वास था। ऐसे महान कवि की कहानी पर फिल्म कौन नहीं बनाना चाहेगा। उन्होंने बताया कि फिल्म के दो भाग होंगे। एक भाग दादा लख्मी चंद, जिसमें उनके बचपन और जीवन के बारे में बताया जाएगा। दूसरा भाग लक्ष्मी चंद दा शेक्सपीयर आफ हरियाणा है, जिसमें उनके संघर्ष, उनकी कला के साथ कंटेंट पर काम होगा। उनके जीवन के बारे में जो फिल्म बन रही है, वह हरियाणा, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब में रिलीज होगी। दूसरी फिल्म का अंग्रेजी वर्जन भी होगा, जो अंतरराष्ट्रीय पर्दे पर दिखाई जाएगी। उन्होंने कहा कि फिल्म को करीम मोहम्मद और गुडिया जैसी फिल्मों के निर्माता रवींद्र रजावत बना रहे हैं। संगीत उत्तम ¨सह देंगे, जिन्होंने गदर एक प्रेम कथा, मैंने प्यार किया जैसी हिट फिल्मों में संगीत दे चुके हैं। इस फिल्म में उनके बचपन का किरदार रोहतक के बच्चे सोमदीप निभा रहे हैं जबकि योगेश दत्त को भी इस फिल्म में अभिनय करने का मौका दिया गया है।

राजस्थान में होगी फिल्म की अधिकतर शू¨टग

यशपाल शर्मा ने कहा कि फिल्म की शू¨टग हरियाणा में ही करना चाहते थे। लेकिन फिल्म के मुताबिक लोकेशन नहीं मिल पाई। इसलिए हरियाणा के साथ लगते राजस्थान में इस तरह की लोकेशन खोज की है, जहां पर शू¨टग की जाएगी। हालांकि उनके पैतृक गांव सोनीपत के जाट्टी में भी कुछ शू¨टग होगी। हरियाणा सरकार की नई फिल्म नीति कितनी कारगर साबित होगी, के सवाल पर उन्होंने कहा कि लगता नहीं फिल्म नीति से कलाकारों का भला हो पाएगा।

बड़े स्तर पर करेंगे प्रोमोशन

यशपाल शर्मा ने कहा कि जिस तरह से पंजाबी और बॉलीवुड फिल्मों की बड़े स्तर पर प्रोमोशन की जाती है। उसी तरह से दादा लख्मी चंद फिल्म की प्रोमोशन की जाएगी। इसके लिए चाहें कितना भी खर्च क्यों न करना पड़े। बॉलीवुड में सफलता के बाद हरियाणा की तरफ रुख करने के सवाल पर यशपाल शर्मा ने कहा कि वह थियेटर से जुड़े रहे हैं। वहां यह सब नहीं कर पा रहा था, इसलिए अब उन्होंने अपने मनमाफिक काम करने का निर्णय लिया है। कंटेंट और क्वालिटी फिल्मों की बजाय आज तड़क-भड़क व असभ्य फिल्में ज्यादा आ रही हैं। हमें सभ्य और सामाजिक सरोकारों वाली फिल्म बच्चों की दिखानी पड़ेगी ताकि संस्कृति को न भूलें।

Posted By: Jagran