जेएनएन, रोहतक। पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (PGIMS) में COVID_19 मरीजों के सैंपल की जांच रफ्तार करीब दो माह बाद भी नहीं बढ़ सकी है। स्थिति यह है कि नई RTPCR (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमरेज चेन रिएक्शन) मशीन इंस्टॉल तो कर दी गई है, लेकिन अभी तक मशीन की किट न मिलने के कारण अधिक सैंपल की जांच शुरू नहीं हो पा रही है। मशीन सप्लाई करने वाली कंपनी की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।

PGIMS में करीब 11 जिलों के लोगों के COVID_19 सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाते हैं। फिलहाल पीजीआइ में केवल RTPCR मशीन के माध्यम से जांच की जा रही है। इस जांच मशीन की क्षमता 12 घंटे में करीब 110 सैंपल की जांच करती है, जबकि पीजीआइ में प्रतिदिन करीब एक हजार सैंपल जांच के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में मरीजों के सैंपल की रिपोर्ट को लंबा इंतजार करना पड़ता है।

करीब तीन माह पहले सरकार ने घोषणा करते हुए RTPCR की संख्या बढ़ाने के आदेश दिए थे। सरकार ने यूं तो शीघ्र ही मशीन पहुंचाने का दावा किया था, लेकिन तीन माह बीतने पर भी इस मशीन को चालू नहीं किया जा सका है। करीब दो सप्ताह पहले मशीन पीजीआइ के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में पहुंच गई थी। इसके बाद इंस्टॉलिंग प्रक्रिया भी पूरी हो गई, लेकिन अभी तक इस मशीन से जांच शुरू नहीं की गई हैं। जिसके चलते पीजीआइ में लगातार सैंपल की पेंडेंसी काफी बढ़ रही है। इसके चलते पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग को 70 सैंपल जांच के लिए केसीजीएमसी खानपुर भेजे गए थे। बताया जा रहा है कि मशीन में जांच के लिए प्रयोग की जाने वाली रेजेंट किट की सप्लाई कंपनी द्वारा अभी तक नहीं की गई है। कंपनी के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।

नई मशीन के लिए अनुबंध के आधार पर भर्ती

पीजीआइ में नई वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लेबोरेट्री (BRDL) लैब शुरू करने के लिए हेल्थ यूनिवर्सिटी द्वारा अनुबंध के आधार पर भर्ती करने की तैयारी है। इसके लिए एक मेडिकल रिसर्च साइंटिस्ट व दो नॉन मेडिकल रिसर्च साइंटिस्ट, दो रिसर्च असिस्टेंट व दो लैब टेक्नीशियन की भर्ती की जानी है। हेल्थ यूनिवर्सिटी के डिप्टी रजिस्ट्रार एमएम कौशिक ने बताया कि अनुबंध आधार पर तीन माह के लिए भर्ती की जाएगी । उम्मीदवार 28 मई तक अपना आवेदन विश्वविद्यालय में स्वयं आकर या डाक के माध्यम से आवेदन कर सकता है। एक जून सुबह दस बजे योग्य उम्मीदवारों को अपने मूल दस्तावेजों व उनकी एक प्रति लेकर निदेशक कार्यालय में उपस्थित होना होगा इसी दिन दोपहर दो बजे इंटरव्यू लिया जाएगा।

अभी तक रेजेंट किट नहीं मिली

हेल्थ यूनिवर्सिटी के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. वरुण अरोड़ा का कहना है कि नई RTPCR मशीन के लिए अभी तक रेजेंट किट नहीं मिली हैं। इन किट का इस्तेमाल सैंपल की जांच करने के लिए किया जाता है। इसके लिए सप्लाई करने वाली कंपनी के अधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है। जल्द ही किट मंगाकर नई मशीन से सैंपलों की जांच शुरू कर दी जाएगी।

Posted By: Kamlesh Bhatt

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