जेएनएन, रोहतक। गोचरान भूमि को मुक्त कराने की मांग पर 54 दिन से अनशन पर चल रहे संत गोपालदास के साथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर 27 जुलाई को पैदल रोष मार्च निकालेंगे। पैदल रोष मार्च रोहतक के मानसरोवर पार्क से शुरू होकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर समाप्त होगा। पद यात्रा में गो भक्त व संगठनों के लोग भी शामिल रहेंगे।

मंगलवार को एक निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुभाष बतरा ने कहा कि भाजपा सरकार गाय के कल्याण को लेकर लंबे-चौड़े दावे तो कर रही है, लेकिन हकीकत में गायों के के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार गाय के साथ-साथ संत-महात्माओं की चिंता भी नहीं कर रही है। गोचरान भूमि को मुक्त कराने की मांग को लेकर संत गोपालदास 54 दिन से अनशन पर हैं, लेकिन सरकार को उनकी ङ्क्षजदगी की कोई फिक्र नहीं है।

सुभाष बतरा ने कहा कि यह रोष मार्च रोहतक से बोहर, भालौठ, हुमायुं होते हुए सिसाना गोशाला पहुंचेगा। इसके बाद खरखौदा में रात्रि ठहराव के बाद बुलाना होते हुए दिल्ली जंतर-मंतर पर समाप्त होगा और यहीं पर धरना दिया जाएगा। इस मार्च की अगुवाई संत गोपालदास के मागर्दशन में प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर करेंगे। सुभाष बतरा ने कहा कि सरकार जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक संत के साथ कांग्रेस का भी आंदोलन जारी रहेगा।

संत गोपालदास पहुंचे दादरी

गोचर भूमि मुक्ति आंदोलन कर रहे संत गोपालदास के नेतृत्व में मंगलवार को दादरी जिले के गो भक्तों ने शहर में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान संत गोपालदास सांकेतिक रूप से सूली पर भी लटके। गो भक्तों ने कहा संत गोपालदास गोचर भूमि मुक्ति के लिए संघर्ष करते हुए कितना कष्ट उठा रहे हैं लेकिन सरकार मौन बैठी है। इस दौरान कांग्रेसी नेता व पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान भी समर्थन में आए। उधर संत गोपालदास ने सरकार को चारागाह विकास बोर्ड का गठन करने के लिए खुले मंच पर सीधे रूप से बहस करने की चुनौती भी दी।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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