नहरी पानी की आपूर्ति ठप होने से जनता बूंद-बूंद पानी को तरस गई। बुधवार को सेक्टरों, हाउसिग बोर्ड व अन्य तमाम कालोनियों में पानी की किल्लत देखने से लोग बेहाल दिखे। आउटर कालोनियों में मुश्किल से टैंकर पहुंच सके। पेयजल आपूर्ति से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन करीब 10 करोड़ लीटर पानी की जरूरत होती है। लेकिन नहरी पानी की आपूर्ति बंद होने से आधे से भी कम पानी शहरी जनता को मिल पाता है।

कुल 22 वार्डों में सिमटी शहरी क्षेत्र में पानी की किल्लत ने बेहाल कर दिया। प्रेम नगर, दुर्गा कालोनी, आंबेडकर कालोनी, पुराने शहर की कालोनियों से लेकर झंग कालोनी, लक्ष्मी नगर, झज्जर रोड आदि करीब 100 कालोनियों में पानी की आपूर्ति प्रभावित रही। पिछले पांच-छह दिनों से एक वक्त या फिर कटौती के साथ पेयजल आपूर्ति हो रही थी। विभागीय अधिकारियों तक करीब 250 से अधिक शिकायतें पहुंची। वहीं, पेयजल आपूर्ति के लिए विभिन्न कालोनियों में 25-30 तक टैंकर भी भेजे गए। यह है शहर में नहरी पानी का रोस्टर

3200 क्यूसेक क्षमता वाली जेएलएन नहर से 16 दिन पेयजल आपूर्ति और इतने ही दिन यह नहर बंद रहती है। भालौठ नहर से आठ दिन पेयजल आपूर्ति और 24 दिन नहर बंद रहती है। फिलहाल जेएलएन नहर में 1800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। अगले 16 दिनों बाद भालौठ नहर से पानी की आपूर्ति शुरू होगी। हाउसिग बोर्ड के लोगों का दावा, हाथ धोने लायक भी पानी नहीं

ओल्ड हाउसिग बोर्ड कालोनी की रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान मनोहरलाल बधवा ने बताया है कि यहां पीने की छोड़िए कोरोना काल में हाथ धोने लायक पानी नहीं आ रहा है। आंबेडकर कालोनी निवासी एडवोकेट अशोक जांगड़ा ने कहा कि कई कालोनियों के लोग कन्हेंली रोड स्थित हैंडपंपों से पानी लाने को मजबूर हैं। एचएसवीपी के अधिकारियों की चेतावनी, पानी की लाइन पर पंप रखने पर 10 हजार का होगा जुर्माना

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण(एचएसवीपी) के एसडीओ सतीश शर्मा ने सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति की लाइन पर पंप या फिर मोटर लगी पाई जाती है तो इन्हें जब्त किया जाएगा। संबंधित मकान मालिकों पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। पानी बर्बाद करने वालों पर भी जुर्माना व अन्य सख्त कार्रवाई करेंगे। हिसार रोड की तमाम कालोनियों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति

हिसार रोड की कालोनियों में पानी की किल्लत बनी हुई है। वार्ड-1 के पार्षद कृष्ण सेहरावत ने बताया है कि शास्त्री नगर में टैंकरों से पानी पहुंच रहा है। लॉकडाउन के दौरान भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पार्षद का दावा है कि अमृत योजना के तहत इस क्षेत्र के लिए नई लाइन बिछाने का कार्य होना था, जोकि अधूरा है। खोखरा कोट क्षेत्र में नहीं बना बूस्टिग स्टेशन, टैंकरों से पानी पहुंच रहा

वार्ड-6 के पार्षद सुरेश किराड़ का दावा है कि रामजोहड़ी क्षेत्र की फतेहपुरी कालोनी में टैंकरों से पानी की आपूर्ति होती है। यहां कभी दोपहर तो कभी सुबह तो कई बार देर शाम पानी पहुंचता है। बुधवार को टैंकर के पहुंचते ही हालात यह थे कि टैंकर से 10 मीटर दूर तक बर्तन ही रखे हुए थे। भारी भीड़ जुट गई। जलघरों की अभी तक यह है क्षमता :::

जलघर : क्षमता

1. पुराना जलघर, सोनीपत रोड(निकट मानसरोवर पार्क) : 27.24 एमएलडी

2. द्वितीय जलघर, झज्जर रोड : 47.24 एमएलडी

3. तृतीय जलघर, सोनीपत रोड(जेएलएन नहर के निकट) : 18.16 एमएलडी

4. जाट संस्थान : 3.50 एमएलडी

अभी तक कुल क्षमता : 96.14 एमएलडी

नोट : एक एमएलडी में 10 लाख लीटर प्रतिदिन।

वर्जन

जेएलएन नहर से रोस्टर के हिसाब से पानी मिलना शुरू हो गया है। अब रोस्टर के हिसाब से अगले 16 दिनों तक पानी मिलेगा। इसके बाद अगले आठ दिनों तक भालौठ नहर से पानी मिलेगा। अब दोनों वक्त पानी मिलेगा।

भानु प्रकाश, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग सेक्टरों में पानी की किल्लत थी। इसलिए हमने एचएसवीपी के अधिकारियों से संपर्क किया। अधिकारियों ने बताया है कि जेएलएन नहर में पानी आ गया है। अगले दो दिनों के अंदर पानी की किल्लत दूर होने का आश्वासन मिला है।

एडवोकेट केके खीरवाट, महासचिव, सेक्टर-1, रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन

Posted By: Jagran

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