Move to Jagran APP

Haryana News: नवनिर्वाचित सांसद दीपेंद्र हुड्डा की इस खाली सीट पर BJP की नजर, अक्टूबर में चुनाव होने तय

हरियाणा की रोहतक लोकसभा सीट (Rohtak Lok Sabha Seat) से कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा (Deepender Hooda) ने भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की। इस जीत के बाद उनकी राज्यसभा की सीट (Rajya Sabha Seat) खाली हो गई है। इसको लेकर बीजेपी के नेताओं में पैरवी का दौर शुरू हो गया है। इस सीट पर बीजेपी अपनी नजर बनाए हुए है।

By Anurag Aggarwa Edited By: Deepak Saxena Published: Mon, 10 Jun 2024 09:27 PM (IST)Updated: Mon, 10 Jun 2024 09:27 PM (IST)
नवनिर्वाचित सांसद दीपेंद्र हुड्डा की इस खाली सीट पर BJP की नजर (फाइल फोटो)।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा की रोहतक लोकसभा सीट से कांग्रेस के दीपेंद्र सिंह हुड्डा के चुनाव जीतने के बाद राज्यसभा की एक सीट खाली हो गई है। अभी तक यह सीट कांग्रेस के ही खाते में थी और दीपेंद्र सिंह हुड्डा इस सीट पर राज्यसभा में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

बीजेपी नेताओं में शुरू हो गई लॉबिंग

राज्यसभा सदस्य होते हुए भी दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की, जिसके बाद यह सीट अब खाली होने के साथ भाजपा के खाते में जाने की संभावना बन गई है। भाजपा में इस सीट को हासिल करने के लिए प्रमुख नेताओं में लॉबिंग आरंभ हो गई है।

छह महीने के भीतर राज्यसभा सीट पर चुनाव तय

छह माह के भीतर राज्यसभा की इस सीट के लिए चुनाव होना तय है। हरियाणा में राज्यसभा की कुल पांच सीटें हैं। वर्तमान में भाजपा के राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला का कार्यकाल 2030 में, भाजपा के ही कृष्णलाल पंवार का कार्यकाल 2028 में, भाजपा समर्थित निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा का कार्यकाल 2028 में तथा भाजपा के रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 2026 में पूरा होगा। कांग्रेस के निवर्तमान राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र सिंह हुड्डा का कार्यकाल भी 2026 में ही पूरा होना था, लेकिन अब दीपेंद्र लोकसभा के लिए निर्वाचित हो गए हैं तो ऐसे में राज्यसभा की खाली सीट को भरा जाने वाला है।

ये भी पढ़ें: Haryana News: एक से अधिक सरकारी आवास कब्जाने वाले पुलिस अधिकारियों पर होगी कार्रवाई, DGP ने मांगी रिपोर्ट

हरियाणा में अक्टूबर में होने वाले विधानसभा चुनाव

हरियाणा में विधानसभा के चुनाव इसी साल अक्टूबर में होने जा रहे हैं। मौजूदा दलीय स्थिति को देखते हुए भाजपा इस सीट की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 69 (2) के तहत यदि कोई व्यक्ति जो पहले से राज्यसभा का सदस्य है और वह लोकसभा का सदस्य निर्वाचित हो जाता है तो राज्यसभा में उस व्यक्ति की सीट सांसद चुने जाने की तारीख से ही खाली हो जाती है। इसलिए चार जून से ही दीपेंद्र हुड्डा हरियाणा से राज्यसभा के सदस्य नहीं रहे हैं। निर्वाचन आयोग किसी भी समय हरियाणा में राज्यसभा के लिए चुनाव कार्यक्रम का ऐलान कर सकता है।

बीजेपी के पास इस समय 41 विधायक

भाजपा के पास इस समय सदन में 41 विधायक हैं। हलोपा और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन मिलने के बाद भाजपा के पास 43 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या 29 है। इसके अलावा अगर राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग की नौबत आती है तो जननायक जनता पार्टी के 10 विधायक दो फाड़ भले ही हो जाएं, लेकिन उन्हें पार्टी व्हिप का पालन करना पड़ेगा।

ऐसे में जजपा के 10 विधायकों के वोट काफी अहम होंगे। निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू तथा इनेलो विधायक अभय चौटाला की वोट भी अगर विपक्ष में गिन ली जाए तो राज्यसभा का चुनाव बेहद दिलचस्प बन सकता है।

ये भी पढ़ें: Modi Cabinet 3.0: पीएम मोदी ने निभाई अपनी दोस्ती, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मनोहर लाल को दिए ये खास मंत्रालय


This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.