प्रदीप राठी, लाखनमाजरा :

स्वतंत्रता दिवस पर घोषित किए गए वीरता पुलिस पदक में जिला के नांदल गांव के होनहार ने अपनी वीरता का लोहा देशभर में मनवाते हुए अपने क्षेत्र का नाम देशभर में रोशन किया है। श्रीनगर जिले में सीआरपीएफ बटालियन में सहायक कमांडेंट के पद पर कार्यरत अजय राठी को ये वीरता पदक कश्मीर घाटी में लश्कर तैयबा के दो आतंकियों को ढेर करने के लिए दिया गया है। बेटे की इस उपलब्धि पर प्रताप ¨सह के घर खुशी का माहौल है।

नांदल के एक किसान परिवार में जन्में अजय राठी ने संघ लोक सेवा की परीक्षा पास करने के बाद गुरुग्राम में सीआरपीएफ की प्रशिक्षण अकादमी में एक साल का प्रशिक्षण लिया। जिसके बाद उन्हें कश्मीर घाटी में तैनात किया गया। अजय को घाटी के हालातों के बारे में भलीभांति पता था कि यहां आए दिन ग्रेनेड हमला, फिदायीन और आतंकी हमले होते रहते हैं। अजय ने ना सिर्फ इस चैलेंज को स्वीकार किया बल्कि कई बार अपनी टीम को लीड करते हुए घाटी में कई बड़े ऑपरेशन किए।

पीएम की श्रीनगर रैली पर हमले को किया था विफल

चार दिसंबर 2014 को उनकी टुकड़ी ने पाकिस्तान के खूंखार आतंकी संगठन लश्कर ए तयैबा के दो आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया। ये आतंकी श्रीनगर में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली पर हमला करने की फिराक में थे।

पांच लाख का इनामी आतंकी था करी अशरार

खुफिया एजेंसी से मिली जानकारी के बाद अजय राठी की टीम ने मुठभेड़ में जिन दो आतंकियों को ढेर किया उनमें से एक खूंखार आतंकी करी अशरार था। इस आतंकी पर भारत सरकार ने पांच लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था। अजय राठी की टीम को उनकी इसी बहादुरी के लिए 15 अगस्त को मेडल फॉर गेलेंट्री से सम्मानित किया गया है। जो नांदल गांव व क्षेत्रवासियों के लिए बड़े ही गौरव की बात है।

Posted By: Jagran