जागरण संवाददाता, रोहतक : निजी बसों के निजी परमिट जारी करने के विरोध में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संघ (किरमारा गुट), इंटक यूनियन, मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन की अगुवाई में बनी ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने बुधवार को प्रदेश स्तर पर बसों के चक्काजाम का आह्वान किया था। जिस पर रोडवेज कर्मचारियों ने बुधवार को रोहतक डिपो में भी सुबह चार बजे जैसे ही बसों का संचालन शुरू हुआ कर्मचारियों ने हंगामा शुरू कर दिया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के सामने उनकी एक भी नहीं चली। लिहाजा रोहतक डिपो में हड़ताल का असर नहीं रहा।

जिस कारण रोहतक डिपो में हड़ताल का असर केवल शुरूआत के कुछ घंटों तक ही रहा और उसके बाद सुबह आठ बजे से बसों का संचालन अन्य दिनों की तरह सामान्य रूप से शुरू हो गया। रोडवेज के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को हड़ताल के दौरान 192 बसों में से केवल 177 बसें ही संचालित हुई और 15 बसों नहीं चली। जिनमें आठ बस सर्विस के लिए वर्कशॉप में खड़ी रही। वहीं कुल चालकों और परिचालकों के हड़ताल में शामिल होने के कारण सात बसों का संचालन नहीं हो सका। रोहतक डिपो को रोजाना औसतन 15 लाख राजस्व की प्राप्ति होती है। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को पहले से ही हड़ताल की जानकारी होने के कारण बुधवार को बहुत ही कम यात्रियों ने रोडवेज की बसों में सफर किया। जिस कारण रोडवेज को करीब आठ लाख रुपये का घाटा हुआ। ---हड़ताल में डिपो के कुल 35 कर्मचारी रहे शामिल बुधवार को हुई हड़ताल में डिपो के कुल 35 कर्मचारी शामिल रहे। जिनमें 15 चालक, 16 परिचालक, दो वर्कशॉप के कर्मचारी, एक उपनिरीक्षक और एक कार्यालय का कर्मचारी शामिल रहा। वहीं इन कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के लिए डिपो महाप्रबंधक राहुल जैन ने बुधवार को ही रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेज दी थी।

Posted By: Jagran