अजय रोहज, सांपला :

तहसील मुख्यालय से महज सात किलोमीटर की दूरी पर अप्रोच मार्ग पर स्थित गांव अटायल के ग्रामीणों के लिए सुखद समाचार है। ग्रामीणों को आने वाले दिनों में पानी की समस्या से परेशान नहीं होना पड़ेगा तथा न ही टूटी लाइनों से लीकेज गंदा पानी पीना पड़ेगा। गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से करीब 60 लाख रुपये खर्च होंगे। जिसके लिए स्टेट मुख्यालय से मंजूरी मिल चुकी है। हालात सामान्य रहते हैं तो आने वाले दिनों में टेंडर करवाकर काम शुरू हो जाएगा। विभाग की तरफ से न केवल पाइप लाइन डाली जाएंगी बल्कि क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को हटाकर वहां नई पाइप डाली जाएगी। विभाग ने बजट की मंजूरी मिलने के साथ ही पाइप के लिए डिमांड भेज दी है। पाइप मिलने के साथ ही सब डिविजन कार्यालय टेंडर प्रक्रिया पूरी करवाकर काम शुरू करवा देगा। पूरी प्रक्रिया में करीब दो माह का समय लग सकता है। खास बात यह रहेगी कि इस नई योजना के तहत लोहे के छह इंची पाइप डाले जाएंगे जिससे पानी की सप्लाई में कोई परेशानी न आ सके तथा पाइप लाइन जल्दी खराब न हो सके।

जानकारी के अनुसार गांव अटायल में जलघर से गांव में घरों तक पानी की सप्लाई के लिए डाली गई पाइप लाइन पिछले काफी अरसे से जगह-जगह से लीकेज होने से परेशानी झेलनी पड़ रही थी। सबसे ज्यादा परेशानी गांव के बाहरी क्षेत्र में बनाए गए गंदे नाले के नीचे डाली गई लाइन में आ रही थी। गंदे नाले के नीचे से लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण लाइन को ठीक करने में खासी परेशानी आ रही थी। वहीं पाइप लाइन में लीकेज होने के दौरान गंदा पानी घरों में पहुंच जाता था। जनस्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नई लाइन डालने का प्रपोजल स्टेट मुख्यालय में भेज रखा था, जिसकी मंजूरी मिल चुकी है। योजना के तहत गंदे नाले के नीचे डाली गई पाइप लाइन को हटाया जाएगा तथा जलघर से लेकर गांव तक लोहे की छह इंची पाइप लाइन डाली जाएगी। वहीं उन गलियों में भी पाइप लाइन डाली जाएगी जहां अभी तक लाइन नहीं डाली गई है। गांव में है तीन वाटर वर्कर्स

गांव अटायल में ग्रामीणों को पानी की पर्याप्त मात्रा में पानी की सप्लाई देने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से तीन वाटर वर्कर्स बनाए गए हैं। करीब साढ़े छह हजार आबादी वाले गांव में करीब एक हजार लोगों ने विभाग से पानी के कनेक्शन ले रखे हैं। वहीं काफी लोगों ने अवैध रूप से कनेक्शन कर रखे हैं। विभाग ने करोड़ों रुपये खर्च करके वाटर टैंक तो बनवा रखे हैं, लेकिन नहरों में पानी के देरी से आने के साथ कम मात्रा में पानी का बहाव आने के कारण वाटर टैंकों में पानी कम रहता है। विभाग गांव में ट्यूबवेलों से पानी की सप्लाई देता है। खास बात यह है कि दिन में बिजली न आने के कारण पानी की सप्लाई देने में परेशानी आ रही है। ग्रामीणों को दो से तीन दिन में ही पानी की सप्लाई मिल पाती है। क्या कहते हैं सब डिविजन अधिकारी

इस संबंध में जनस्वास्थ्य विभाग के सब डिविजन अधिकारी नरेश कुमार गर्ग का कहना था कि गांव अटायल में पाइप लाइन डालने के साथ व्यवस्था के लिए करीब साठ लाख रुपये के बजट को मंजूरी मिल चुकी है। गांव में गंदे नाले से पाइप लाइन हटाकर लोहे ही छह इंची पाइप लाइन डाली जाएगी। नरेश गर्ग ने बताया कि पाइप के लिए डिमांड भेज दी गई है। जल्द ही पाइप मिलने की संभावना है जिसके बाद टेंडर करवाकर काम शुरू करवा दिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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