जागरण संवाददाता, रोहतक : भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री सुरेश भट्ट ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जवाहर लाल नेहरू की सरकार से अलग होकर 1951 में भारतीय जन संघ की नींव रखी थी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने के खिलाफ थे। उनका कहना था कि एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान, नहीं चलेंगे। वे मंगलवार को हुडा कांप्लेक्स स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में भारतीय जन संघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में पहले व्यक्ति जिन्होंने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिए जाने के खिलाफ आवाज बुलंद की। श्यामा प्रसाद मुखर्जी का निधन 23 जून 1953 में हुआ था। उन्होंने बिना परमिट के कश्मीर का दौरा किया, जहां उन्हें जम्मू-कश्मीर की तत्कालीन शेख अब्दुल्ला सरकार ने गिरफ्तार कर लिया था। इसी दौरान रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई। हमारी पार्टी भाजपा डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को अपना आदर्श मानती है। हमारी पार्टी ने उनके विचारों को आगे बढ़ते हुए यह नारा था'जहां हुए बलिदान मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है, जो कश्मीर हमारा है, वह सारा का सारा है।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अजय बंसल जिला, महामंत्री सतीश आहूजा, जिला मीडिया प्रभारी शमशेर सिंह खरक, जिला उपाध्यक्ष देवराज सांपला, निगरानी समिति के चेयरमैन देवेंद्र चौधरी, सरदार कुलविदर सिंह सिक्का, नगर निगम पार्षद सुरेश किराड़, पंकज छाबड़ा, महिला मोर्चा की जिला महामंत्री उषा शर्मा, आशा शर्मा, मंडल अध्यक्ष नवीन उप्पल, बलवान सिंह छोछी, संजय बल्हारा अजय खुंडिया, कमल धींगडा, सचिन वर्मा, हैप्पी जांगड़ा, एडवोकेट वजीर खोखर आदि ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए ।

Posted By: Jagran

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